लुधियाना जिले में जगराओं रेबीज के शक में 5 बच्चों समेत एक ही परिवार के 7 लोगों को पीजीआई रेफर करने का मामला अब और उलझता जा रहा है। सोमवार को एक बार फिर पूरे परिवार को अस्पताल बुलाया गया, जहां उनके एंटी-रेबीज टीके लगाए गए। इसके साथ ही रेबीज टेस्ट के लिए उन्हें दोबारा पीजीआई रेफर कर दिया गया। मामले की पुष्टि करते हुए जगराओं की एसएमओ डॉ. गुरविंदर कौर ने बताया कि मरीज का परिवार डर के चलते लगातार अपने बयान बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जब परिवार पहली बार अस्पताल पहुंचा था, तब उन्होंने घटना की कहानी कुछ और बताई थी, जबकि पीजीआई पहुंचने पर वहां डॉक्टरों को अधूरी व अलग जानकारी दी गई। इसी के चलते पीजीआई से उन्हें बिना पूरी जांच के वापस भेज दिया गया। पीजीआई में होंगे टेस्ट, लगाए जाएंगे टीके : एसएमओ डॉ. गुरविंदर कौर के अनुसार, जब उन्होंने पूरी और स्पष्ट जानकारी पीजीआई के डॉक्टरों को दी, तो वहां से सोमवार को दोबारा जांच के लिए बुलाने को कहा गया। अब पीजीआई में पूरे परिवार के रेबीज संबंधी टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि पहले दिन जब संतोष सैनी अपने परिवार के साथ अस्पताल आया था, उस समय दो बच्चों के मुंह से लगातार लार टपक रही थी। परिवार ने खुद बताया था कि करीब 6 महीने पहले उन्होंने एक कुत्ता कहीं छोड़ दिया था, जिसने बच्चों को काटा था। इसके अलावा घर में रखा गया नया कुत्ता भी बच्चे को हाथ पर उस समय काट गया था, जब बच्चा उसके साथ खेल रहा था। डॉ. कौर ने स्पष्ट किया कि दो बच्चों में मुंह से लार आना और अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने के कारण ही पूरे परिवार को एहतियातन पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन पीजीआई में पूरी जानकारी न देने के कारण मामला भ्रमित हो गया। अब दोबारा सभी टेस्ट कराए जाएंगे, हालांकि इससे पहले सभी को आवश्यक टीके लगा दिए गए हैं। दुबारा जांच के लिए अस्पताल पहुंचा परिवार उधर, सोमवार को जब पूरा परिवार दोबारा अस्पताल पहुंचा, तो उन्हें फिर से पीजीआई भेज दिया गया। पीड़ित के मुताबिक, पहले पीजीआई में न तो खून का टेस्ट हुआ और न कोई मेडिकल जांच, सिर्फ बैठाकर बातचीत की गई और रात करीब 12 बजे घर भेज दिया गया। बाद में अस्पताल की ओर से मैसेज आया कि सोमवार को खून के टेस्ट होंगे। घर के मुखिया संतोष सैनी का कहना है कि वे सिर्फ फ्री का टीका लगवाने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर में पाला हुआ कुत्ता बच्चों के साथ खेलता है और कई बार बच्चे खेल-खेल में कुत्ते के मुंह में हाथ डाल देते हैं। इसी दौरान हल्का सा दांत लग गया, जिससे डर के मारे वे टीका लगवाने पहुंचे थे। डॉक्टरों पर उलटा-सीधा लिखने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर डॉक्टर ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट में उल्टा-सीधा लिख दिया और उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। सतोष का आरोप है कि
हमें पागल साबित कर दिया गया। लिखा कि रात को नींद नहीं आती, मुंह से लार गिरती है। हम पहले भी ठीक थे, आज भी बिल्कुल ठीक हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह डॉक्टर से सवाल पूछने गया, तो उसे मिलने तक नहीं दिया गया। संतोष का कहना है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, उसे न डॉक्टर का नाम पता है और न ही रिपोर्ट में क्या लिखा गया। बस इतना समझ आ रहा है कि उन्हें जबरन बीमार और पागल साबित किया जा रहा है।


