भास्कर न्यूज|तुपकाडीह
तेनु-बोकारो नहर का मरम्मत कार्य अधिकारी व संवेदक का चारागाह साबित हो रहा है। बांध प्रमंडल तेनुघाट की ओर से प्रति वर्ष दो बार करोड़ों रुपए का टेंडर निकालकर मरम्मत कार्य किया जाता है। तेनु डैम से बोकारो तक 34.5 किलोमीटर दूरी का कार्य एजेंसियों से कराया जाता है। जिसमें नहर मरम्मत कार्य में पीसीसी, आरसीसी लाइनिंग का कार्य होता है। नहर मरम्मत में घोर अनियमितताएं के शिकायतें मिलते-रहती हैं। बीते दिसंबर में 3.66 करोड़ की लागत से मरम्मत कार्य किया गया। मरम्मत कार्य एक सप्ताह में फाइनल करना होता है। कम समय मिलने के कारण संवेदकों की ओर से जल्दबाजी में गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि नहर की मरम्मत के स्टीमेट में पहले नहर किनारे झाड़ियों की सफाई के बाद मिट्टी को समतल कर आरसीसी ढलाई के बाद दस एमएम का रॉड डालकर दो इंच का पीसीसी ढलाई करना है, लेकिन ठेकेदार की ओर से जैसे-तैसे झाड़ियों की सफाई कर आरसीसी ढलाई, रॉड लगाने व पीसीसी ढलाई स्टीमेट के अनुरूप नहीं किया जाता है। 10 एमएम के रॉड के जगह पर 6 से 8 एमएम का रॉड का उपयोग करते हुए दो इंच के पीसीसी के जगह पर एक से डेढ़ इंच के बीच ही पीसीसी ढलाई आरसीसी चार इंच की जगह पर ढ़ाई से तीन इंच ढ़लाई का कार्य किया जाता है। कम समय में करनी पड़ती है मरम्मत ^35 किमी का नहर है, लेकिन सेल द्वारा चिह्नित प्वाइंट में ही काम कराया जाता है। वह भी समय मात्र 5 से 6 दिन का समय दिया जाता है, फिर भी हमलोग प्रयास करते हैं कि ज्यादा जर्जर स्थानो ंपर मरम्मत कार्य कर दिया जाय। सचिन कुमार, जेई, बांध प्रमंडल, तेनुघाट


