भास्कर न्यूज | खड़गपुर एक प्रवासी मजदूर की पत्नी ने चलती ट्रेन के डिब्बे में एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। यह घटना एसएमवीटी 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (यशवंतपुर एक्सप्रेस) में हुई। इस घटना से अचानक ट्रेन के डिब्बे में उत्तेजना फैल गई। बाद में, मां और नवजात को रेलवे पुलिस ने बचाया और पश्चिम मेदिनीपुर के बेलदा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, असम के दरांग जिले के दलगांव इलाके की रहने वाली 35 वर्षीय कचिरन नेशा अपने पति बहारुल के साथ कर्नाटक में रहती थी। बहारूल वहां चाय बागान में काम करता था। जैसे ही डिलीवरी का संभावित समय नजदीक आया, उसने अपने राज्य में लौटने के लिए ट्रेन पकड़ी। ट्रेन के बालेश्वर स्टेशन से निकलने के कुछ ही समय बाद, काचिरन नेशार को प्रसव पीड़ा शुरू हो गयी। तभी कुछ महिला यात्रियों की मदद से ट्रेन की बोगी में ही बच्ची का जन्म हो गया। घटना की जानकारी होने पर टिकट परीक्षक ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी।स्थिति को संभालने के लिए ट्रेन को बेलदा स्टेशन पर रोकने की व्यवस्था की गई। वहां, रेलवे पुलिस और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा मां और नवजात को ट्रेन से उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। महिला के पति बहारूल ने बताया कि चिकित्सकों ने इसी सप्ताह बच्चे के जन्म का संभावित समय बताया था। इसलिए वे जल्दी-जल्दी घर के लिए निकल पड़े, परिवार ने राहत व्यक्त की कि रेलवे की त्वरित और मानवीय पहल से मां और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।


