महिलाओं और बच्चों की अश्लील सामग्री विदेशों में भेजकर रुपए कमा रहे एक गिरोह के बदमाश को रावतसर पुलिस ने एसओजी व एटीएस के सहयोग से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों सहित इंस्टाग्राम पर ग्रुप बनाकर आपस में महिलाओं और बच्चों की पोर्न वीडियो के लिंक विदेशों में भेजकर रुपए कमाते थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह के नेतृत्व में एटीएस और एसओजी को साइबर क्राइम की छानबीन करते हुए समय लीड मिली की जिले के रावतसर में एक व्यक्ति द्वारा विदेशी वेबसाइटों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के पोर्न वीडियो के लिंक अपलोड और शेयर किये जाते हैं। इसकी जानकारी एसपी अरशद अली को दी गई। इस पर एसपी ने डीएसटी और रावतसर थानाधिकारी रामचन्द्र कस्वां को सक्रिय किया। डीएसटी टीम ने काफी छानबीन के बाद रावतसर थाना टीम के सहयोग से वार्ड 7 में दबिश देकर वहां से प्रमोद उर्फ पिंकू (20) पुत्र हनुमान नायक को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से पांच एंड्रायड मोबाइल और एक लैपटॉप भी जब्त किया गया। एक्सपर्ट द्वारा जब सभी मोबाइल और लैपटॉप की जांच की गई तो सामने आया कि आरोपी पे-पल के माध्यम से रुपयों का लेन-देन करता है, जो कि उसे बच्चों और महिलाओं के अश्लील वीडियो लिंक के माध्यम से विदेशों में भेजता है। मोबाइल और लेपटाप में भी काफी अश्लील सामग्री बरामद हुई। रावतसर पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सीआई रामचन्द्र कस्वां कर रहे हैं। गौरतलब है कि चाइल्ड व महिला पोर्न वीडियो अपलोड कर अपराध कारित करने पर प्रथम बार स्वतः संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज किया गया है। पूर्व में टिपलाइन के माध्यम से विभिन्न थानो मे प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में रावतसर थाने के उप निरीक्षक ईमीचन्द, हेड कॉन्स्टेबल अमर सिंह, कॉन्स्टेबल मोहनलाल, रवि कुमार, श्योपत शामिल रहे। विदेशों में पोर्न लिंक भेजकर लेते थे रुपए
अभियुक्त फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर, फर्जी इंस्टाग्राम आईडी उपयोग लेने वाले अपने अन्य साथियों सहित इंस्टा पर ग्रुप बनाकर आपस में महिलाओं व बच्चों के पोर्न वीडियो लिंक के माध्यम से आदान-प्रदान कर विदेशों मे अन्य यूजर्स को भेजकर पे-पल अकाउंट से रुपए प्राप्त करता था। अभियुक्त के पास कुल 10 पे-पल आईडी मिली है, जिनमें अभियुक्त द्वारा भिन्न-भिन्न मोबाइल नम्बर व पैन कार्ड इस्तेमाल किए गए हैं। अभियुक्त द्वारा 300 से अधिक फर्जी इंस्टग्राम आईडी बनाकर इस्तेमाल की गई है। अभियुक्त द्वारा वीडियो लिंक आदान-प्रदान हेतु डार्क वेब, टोर ब्राउजर व अन्य हैकिंग टुल्स इस्तेमाल किए जाते थे।


