चाईबासा | पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरु, झारखंड आंदोलन के स्तंभ, जननायक शिबू सोरेन जी का देहावसान न केवल एक युग का अंत है, बल्कि झारखंड की मिट्टी ने अपने सबसे संघर्षशील सपूत को खो दिया है। उनका जीवन आदिवासी अस्मिता, अधिकारों और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक रहा है। सामाजिक न्याय, जनहित और आत्मबलिदान की जो मिसाल उन्होंने पेश की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत रहेगा। चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से आज दिनांक 4 अगस्त को संध्या 5:00 बजे गांधीटोला स्थित चैंबर कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के अनेक गणमान्य जनों ने भाग लिया। सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री मधुसूदन अग्रवाल ने कहा- गुरुजी का जाना झारखंडवासियों के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी पूर्ति कभी नहीं की जा सकती।


