झारखंड, बंगाल और ओडिशा ने बनाई संयुक्त रणनीति, ड्रग्स व सीमा पार अपराध भी निशाने पर अंतर्राज्यीय सीमा पर सक्रिय माओवादियों, नशा तस्करों और शातिर अपराधियों के खिलाफ अब तीन राज्य मिलकर आर-पार की जंग छेड़ने जा रहे हैं। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के आला पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में ऐसे संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया। तीनों राज्यों की पुलिस साझा रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी, ताकि सीमा पार कर बच निकलने वाले अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सके। चाईबासा स्थित एसपी कार्यालय में डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा की अध्यक्षता में इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में तीनों राज्यों के दो डीआईजी और आठ एसपी शामिल हुए। बैठक में तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त ऑपरेशन व सीमा पार अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए समन्वित कार्रवाई पर सहमति बनी। सीमा पार अपराध रोकने को साझा ऑपरेशन व इंटेलिजेंस शेयरिंग पर सहमति
इन अपराधों पर संयुक्त फोकस
माओवादी और उग्रवादी संगठनों के नेटवर्क व सुरक्षित ठिकानों पर कार्रवाई।
ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर रोक।
पशु तस्करी और सीमा पार सक्रिय संगठित अपराधियों की गिरफ्तारी। एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल पर नजर
बैठक में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी और सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। हाल में पूर्वी सिंहभूम से सटी पश्चिम बंगाल सीमा पर उसके और उसके साथियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद संयुक्त घेराबंदी की रणनीति बनाई गई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के डीआईजी, एसएसपी, एसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। एक साथ सभी अधिकारियों ने सभी संगठित अपराध के खिलाफ सीमावर्ती जिलों में लगातार संयुक्त अभियान चलाने और रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने पर भी सहमति जताई।


