चाईबासा। ट्राइबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने चाईबासा के जेवियर नगर स्थित राज एग्रो टेक में मशरूम की खेती पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। टिकाऊ कृषि पद्धतियों और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व मशरूम की खेती के विशेषज्ञ राजेंद्र कुमार सुंडी ने किया। सुंडी ने मशरूम की खेती के विभिन्न पहलुओं के बारे में प्रतिभागियों को बताया। जिसमें विभिन्न प्रकार के मशरूम की पहचान, खेती की प्रक्रिया और न्यूनतम निवेश के साथ व्यवसाय शुरू करने के चरण शामिल हैं। उन्होंने मशरूम आधारित उत्पादों, जैसे सूखे मशरूम, अचार वाले मशरूम और पाउडर वाले मशरूम के बाजार मूल्य पर भी चर्चा की, जिन्हें संरक्षित किया जा सकता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्यशाला का उद्देश्य उपस्थित लोगों को मशरूम की खेती के उद्यम स्थापित करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल से लैस करना था, जो स्वरोजगार और ग्रामीण आर्थिक विकास में योगदान देता है। सुंडी ने छोटे पैमाने के उद्यमियों, विशेष रूप से आदिवासी समुदायों के उद्यमियों के लिए मशरूम की खेती में अवसरों पर जोर दिया, ताकि वे स्थायी रूप से आय अर्जित कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों में रवि कुमार तियु, मंगल सिंह बारी, सिदु सवाईयन, सिकंदर सुंडी, निकिता सुंडी, शिला बिरुइली, शिखा रानी बोदरा, चंदमनी डेरोगाम, मधुसूदन सुंडी और रसिका सुरेन शामिल थे। उन्होंने सक्रिय रूप से व्यवहारिक गतिविधियों में भाग लिया और अपने उद्यमों में नई सीखी गई तकनीकों को लागू करने के लिए उत्साह व्यक्त किया।


