कोटा के रेलवे कॉलोनी इलाके के तुल्लापूरा से गुजर रहे एक व्यक्ति चायनीज मांझे से घायल हो गया। चायनीज मांझे से व्यक्ति की दोनों आंखों की पलकें कटी। आंख के पास भी दोनों तरफ कट भी लगे। दोनों आंखे बाल-बाल बची। डॉक्टर ने व्यक्ति की पलकों और आंख के पास 14 टांके लगाए। व्यक्ति रेलवे वर्कशॉप में वाहन चालक है। घायल घनश्याम ने बताया कि अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से रेलवे हॉस्पिटल जा रहा था। इसी दौरान रास्ते मे मांझा चायनीज मांझा सर पर पहने मफलर को काटता हुआ। दोनों आंखों की पुतलियां को काटता निकल गया। मेने तुरंत अपनी आंखें बंद कर ली। अगर आंखें बंद नहीं होती तो मांझे की तेज धार से दोनों आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। आंखों के कोर्निया के क्षतिग्रस्त होने से दोनों आंखों की रोशनी भी जा सकती थी। जैसे ही खून निकला तब पता चला। खून निकलते ही गाड़ी रूकवाई और सीधा कोटा के एमबीएस अस्पताल आ गया। यहा डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर 14 टांके लगाए अब तबीयत में सुधार है। घनश्याम ने बताया कि वह रेलवे वर्कशॉप में वाहन चालक है। कंधे की हड्डी टूटने से कई दिनों पर छुट्टी पर थे 25 दिसंबर को फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने रेलवे अस्पताल के डॉक्टर के पास जा रहे थे। इसी बीच यह घटनाक्रम हुआ। मेरे साथी ने हेलमेट लगाया हुआ था वह बच गए। एमबीएस अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर ने टांके लगाए और उसी दिन छुट्टी कर दी।


