चार ग्रहों की युति : सभी राशियों पर रहेगा असर, मंगल का मकर राशि में उच्च होना विशेष फलदायी

सिटी रिपोर्टर | बीकानेर आगामी डेढ़ महीने के दौरान कई महत्वपूर्ण ग्रह योग बनेंगे, जिनका प्रभाव सभी राशियों के साथ विश्व स्तर पर भी देखने को मिलेगा। 3 फरवरी तक मंगल, सूर्य, शुक्र और बुध की चतुर्थ ग्रह युति बनी रहेगी। इन चारों ग्रहों के संयोग से राजयोग, भाग्योदय, कार्यक्षेत्र में उन्नति, मान-सम्मान तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बनेंगे। ज्योतिर्विद पंडित हरिनारायण व्यास मन्नासा ने बताया कि मंगल का मकर राशि में उच्च का होना विशेष फलदायी माना गया है। ये योग नेतृत्व क्षमता, पद-प्रतिष्ठा, प्रशासनिक दक्षता और साहसिक निर्णयों को मजबूती देगा। सूर्य और मंगल की युति ऊर्जा, पराक्रम तथा सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों में सफलता दिलाने वाली रहेगी। वहीं बुध और शुक्र की युति व्यापार, आर्थिक प्रगति, लाभ और सौंदर्य-बोध को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने बताया कि इस ग्रह योग के प्रभाव से नौकरीपेशा वर्ग को पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं, वहीं व्यापारियों को निवेश और विस्तार में लाभ की संभावनाएं रहेंगी। विद्यार्थियों के लिए ये समय प्रतियोगी परीक्षाओं और अध्ययन में सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। हालांकि मंगल के उच्च प्रभाव के कारण वाणी और क्रोध पर संयम रखना आवश्यक रहेगा, अन्यथा विवाद की स्थिति बन सकती है। इसी क्रम में 4 से 11 फरवरी तक कुंभ राशि में बुध, शुक्र एवं राहु की त्रिग्रही युति बनेगी जो मध्यम फलदायी रहेगी। 12 फरवरी से कुंभ राशि में सूर्य के प्रवेश के साथ चतुर्थ ग्रह योग बनेगा तथा 23 फरवरी को मंगल के जुड़ते ही पंचग्रही महायोग का निर्माण होगा। ये अद्भुत योग 14 मार्च तक प्रभावी रहेगा। पंचग्रही योग के प्रभाव से बुध-राहु बुद्धि, विवेक, ज्ञान एवं कर्म को बल देंगे। सूर्य-मंगल की युति प्रशासनिक, राजनीतिक एवं उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों को विशेष लाभ पहुंचाएगी। शुक्र कला, सौंदर्य एवं महिला वर्ग के लिए शुभ रहेगा, जबकि राहु के कारण कुछ क्षेत्रों में भ्रम, मानसिक द्वंद्व एवं उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बन सकती है, साथ ही पंचग्रही योग में कुंभ, मेष, मिथुन, सिंह, तुला एवं धनु राशि वालों को पूर्ण लाभ प्राप्त होगा, जबकि अन्य राशियों को मध्यम फल मिलेगा। वैश्विक स्तर पर इस योग से विदेशों में अशांति, संघर्ष एवं उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है, वहीं भारत के लिए यह योग व्यापार, कृषि, इंजीनियरिंग एवं चिकित्सा क्षेत्र में उन्नति कारक सिद्ध होगा। ज्योतिर्विद मन्नासा के अनुसार इस चतुर्थ ग्रह युति का श्रेष्ठ प्रभाव मकर, मिथुन, कन्या, धनु, वृश्चिक और कर्क राशि वालों पर पड़ेगा, जबकि अन्य राशियों को भी मध्यम फल प्राप्त होगा। कुल मिलाकर यह ग्रह योग समाज में सक्रियता, नई योजनाओं की शुरुआत और प्रगति के संकेत देगा।

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