सिंहस्थ के पहले स्थानीय अखाड़ा परिषद के चार सदस्यों ने पद से इस्तीफे दे दिए हैं। इसके बाद परिषद भंग हो गई है। रविवार को शिप्रा तट स्थित दत्त अखाड़े में आपात बैठक रखी गई। महंत आनंदपुरी महाराज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्थानीय अखाड़ा परिषद को तत्काल प्रभाव से भंग करने की घोषणा कर दी गई। आनंदपुरी महाराज ने बताया कि स्थानीय अखाड़ा परिषद से उपाध्यक्ष महंत आनंदपुरी महाराज, महामंत्री महंत रामेश्वर गिरि महाराज, प्रवक्ता महंत श्याम गिरि महाराज ने मौके पर इस्तीफे सौंपे, जबकि उदासीन अखाड़ा के महंत सत्यानंद गिरि ने मोबाइल पर अपने इस्तीफे की बात कही। इस घोषणा के बाद अब महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नहीं रहेंगे। परिषद भंग होने के बाद अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ काम करेंगे। इस्तीफे नहीं मिले -डॉ. दास : 4 सदस्यों के इस्तीफे के संबंध में स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज ने बताया कि उन्हें कोई इस्तीफा नहीं मिला। सदस्यों में किसी भी प्रकार का मतभेद भी नहीं है। हमारी संस्था रजिस्टर्ड है। दत्त अखाड़ा परिषद में हुई बैठक के बारे में भी मुझे कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय परिषद के पास ये थे दायित्व : स्थानीय अखाड़ा परिषद का गठन साधु-संतों की सेवा, गोसेवा, विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ समय-समय पर होने वाले स्थानीय आयोजन में सहभागिता का दायित्व था।


