चास नगर निगम क्षेत्र में दो साल पहले ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन राशि नहीं मिलने के कारण ट्रैफिक सिग्नल लगाने की कार्रवाई नहीं हो सकी। तत्कालीन अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले एनएच-23 और 32 के नए, पुराने बाइपास में विभिन्न चौक-चौराहों पर 2.25 करोड़ रुपए की लागत से ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव 2023 में भेजा था। बता दें कि चास शहर सड़क बोकारो जिले के सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है। इस कारण अक्सर सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, क्योंकि चौक-चौराहों पर नियमित ट्रैफिक जवान भी तैनात नहीं रहते हैं। इसकी वजह से आए दिन चौक-चौराहों पर वाहनों के इधर-उधर से घुसने पर दुर्घटना हो रही है। सिर्फ दिसंबर महीने में ही कुल 25 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है। इसमें 14 मौतें सिर्फ शाम छह बजे से सुबह 6 बजे के बीच हुई है। बता दें कि ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए सर्वे कर स्थान भी चिह्नित कर लिया गया था। ट्रैफिक सिग्नल लगाने की मांग कई बार कर चुके हैं प्रशासन से : महामंत्री बोकारो चेंबर के महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने कहा कि कई बार ट्रैफिक सिग्नल लगाने की मांग प्रशासन से की जा चुकी है, पर आज तक व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अगर समय पर ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था की गई होती, तो शायद सड़क हादसों में कमी आती।


