चित्तौड़गढ़ जिले में सोमवार से राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता की भव्य शुरुआत हो गई है। यह पहला मौका है जब चित्तौड़गढ़ को स्कूली स्तर की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका मिला है। 5 जनवरी से 10 जनवरी तक अंडर-14 आयु वर्ग की राष्ट्रीय स्कूली छात्र-छात्रा हैंडबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस आयोजन से न केवल चित्तौड़गढ़ का नाम देशभर में पहुंचेगा, बल्कि जिले के खेल माहौल को भी नई पहचान मिलेगी। ग्रैंड ओपनिंग सेरेमनी में दिखी राजस्थान की संस्कृति प्रतियोगिता के पहले दिन इंदिरा गांधी स्टेडियम में ग्रैंड ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। स्टेडियम में सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं। राजस्थानी परंपरा के अनुसार बाहर से आए खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का स्वागत-सत्कार किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद मार्च पास्ट निकाला गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमों ने भाग लिया। हर राज्य का प्रतिनिधित्व उसके टीम कैप्टन द्वारा किया गया, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया। इंदिरा गांधी स्टेडियम में होंगे सभी मुकाबले इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन राउप्रावि पारोली के माध्यम से किया जा रहा है। प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेले जाएंगे। खिलाड़ियों और कोच ने चित्तौड़गढ़ को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए और यहां की व्यवस्थाओं की सराहना की। कई खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें यहां घर जैसा माहौल महसूस हो रहा है। 1050 खिलाड़ी और 250 ऑफिशियल्स ले रहे भाग मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने बताया कि यह नेशनल इवेंट स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 33 बॉयज और 32 गर्ल्स टीमें भाग ले रही हैं। कुल मिलाकर 1050 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि लगभग 250 ऑफिशियल्स भी आयोजन से जुड़े हुए हैं। प्रतियोगिता को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार खेल मैदान तैयार किए गए हैं, जहां लगातार मैच खेले जाएंगे। खाने, रहने और ट्रांसपोर्ट की बेहतर व्यवस्था प्रमोद दशोरा ने बताया कि खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजनशाला भी मैदान परिसर में ही बनाई गई है, ताकि बच्चों को आने-जाने में परेशानी न हो। खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स के आवागमन के लिए गाड़ियों की पूरी व्यवस्था की गई है। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम, शिक्षक बंधु, बास्केटबॉल एसोसिएशन और अन्य सहयोगियों ने मिलकर व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। स्वास्थ्य और मौसम को ध्यान में रखते हुए भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। कलेक्टर रंजन बोले – संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों को भी करवाया जाएगा रूबरू जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा कि यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है कि चित्तौड़गढ़ में अंडर-14 राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खिलाड़ी यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और भामाशाहों के सहयोग से यह आयोजन सफल रूप से हो पा रहा है। साथ ही बाहर से आए खिलाड़ियों को चित्तौड़गढ़ की संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से परिचित कराने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। विधायक बोले – राजस्थान की टीम अच्छा प्रदर्शन करें, यह उम्मीद है चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने इसे जिले की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ के खिलाड़ी पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड और सिल्वर मेडल जीत चुके हैं और इस बार भी राजस्थान की टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट चित्तौड़गढ़ वासियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा। देशभर से आए खिलाड़ियों और कोच ने साझा किए अपने अनुभव…… चित्तौड़गढ़ का किला देखने का मिलेगा मौका उड़ीसा टीम के मैनेजर मधुसूदन मिश्रा ने चित्तौड़गढ़ में हुए आयोजन को लेकर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि वे पहली बार राजस्थान आए हैं। उनके साथ उड़ीसा के कोच भी मौजूद हैं। पहली बार यहां आकर जिस तरह का स्वागत मिला, उससे पूरी टीम काफी प्रभावित है। मधुसूदन मिश्रा ने कहा कि खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए रहने, खाने और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था बहुत अच्छी है। सभी सुविधाएं सुव्यवस्थित और संतोषजनक हैं। उन्होंने चित्तौड़गढ़ के मौसम की भी सराहना करते हुए कहा कि यहां का क्लाइमेट बहुत ही खूबसूरत है। उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ का नाम वे पहले से जानते थे, क्योंकि यहां का ऐतिहासिक किला देशभर में प्रसिद्ध है। यह भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है। हालांकि वे पहले कभी यहां नहीं आ पाए थे, लेकिन अंडर-4 हैंडबॉल एसएफआई नेशनल प्रतियोगिता के जरिए उन्हें यहां आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि खेल के साथ-साथ टीम को यहां घूमने और ऐतिहासिक धरोहर देखने का भी मौका मिलेगा। मधुसूदन मिश्रा ने अपनी व्यक्तिगत पहचान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे उड़ीसा की बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े फिल्म एक्टर हैं। इसके साथ ही वे फिजिकल एजुकेशन टीचर भी हैं और एक्टिंग व टीचिंग—दोनों को साथ लेकर चल रहे हैं। उनकी एक फिल्म 31 दिसंबर को रिलीज भी हुई है। उन्होंने कहा कि वे अपने स्टूडेंट्स को भी खेल और शिक्षा के साथ-साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। चित्तौड़गढ़ मेरा घर जैसा ही है गुजरात के कोच अमित कुमार टेपन ने बताया कि उनका होम टाउन भीलवाड़ा जिला है, इसलिए चित्तौड़गढ़ उन्हें बिल्कुल घर जैसा महसूस हो रहा है। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग गुजरात में है, जहां वे पिछले सात सालों से सेवाएं दे रहे हैं। अमित कुमार टेपन ने कहा कि चित्तौड़गढ़ में खिलाड़ियों के लिए किए गए इंतजाम काफी बेहतर हैं। यहां रहने, खाने और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं बहुत ही सुविधाजनक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि टूर्नामेंट के पहले और आखिरी दिन व्यवस्थाएं और भी बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह टूर्नामेंट सफल रहेगा और एक अच्छा उदाहरण बनेगा। चित्तौड़गढ़ का नाम सुना है लेकिन देखने का मौका अब मिला हरियाणा के खिलाड़ी योगेश ने चित्तौड़गढ़ को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने चित्तौड़गढ़ का नाम पहले भी सुना था, लेकिन यहां आकर व्यवस्थाएं देखकर काफी अच्छा लगा। रहने की व्यवस्था बेहद अच्छी की गई है, जिससे खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। योगेश ने बताया कि प्रतियोगिता की ओपनिंग सेरेमनी भी बहुत शानदार रही। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए डांस ने खास तौर पर उनका ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि आयोजन पूरी तरह से व्यवस्थित और आकर्षक है। इसके साथ ही उन्होंने चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले के बारे में भी जानकारी मिलने की बात कही। योगेश के अनुसार किले के बारे में जो बताया गया, वह काफी रोचक है और वे मौका मिलने पर चित्तौड़गढ़ किले को देखने जरूर जाएंगे।


