चित्तौड़गढ़ में आग लगाकर रोकी पुलिस की कार्रवाई:पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की दी धमकी, तस्करी ठिकाने तोड़ने पहुंची टीम वापस लौटी

चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन की टीम सुबह भारी पुलिस जाप्ते और जेसीबी मशीनों के साथ गंगरार क्षेत्र के जीवा नायकों का खेड़ा गांव पहुंची थी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के ठिकानों को तोड़ना और वहां बने अवैध अतिक्रमण को हटाना था। पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे, ताकि जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में जरूरी कार्रवाई की जा सके। गांव में पुलिस की बड़ी संख्या में मौजूदगी को देखकर आसपास के लोगों में हलचल मच गई। शुरुआत में पुलिस ने शांतिपूर्वक कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की और जेसीबी मशीनों को मौके पर लगाया गया। लेकिन जैसे ही तस्करों के ठिकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई, वहां मौजूद आरोपियों के परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। परिजनों ने किया विरोध प्रदर्शन, आग लगाई जैसे-जैसे पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने लगी, विरोध भी तेज होता गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोपियों के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोगों ने बाड़े को अंदर से बंद कर लिया और उसके अंदर आग लगा दी। आग लगते ही वहां धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद परिवार के कुछ सदस्य बाहर आए और उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की धमकी भी दी। इस तरह की स्थिति को देखकर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और जवान भी सतर्क हो गए। आग और धुएं के कारण माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को हालात संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई को रोक दिया मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विरोध लगातार बढ़ता ही गया। परिजनों द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदमों और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फिलहाल कार्रवाई को रोकने का फैसला किया। पुलिसकर्मी गांव से वापस लौट आए। DSP शिवन्या सिंह का कहना है कि किसी भी तरह की अनहोनी को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसलिए जब फिलहाल कार्रवाई को ड्रॉप कर दिया गया है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। पहले भी यहां एमडी फैक्ट्री पर पुलिस कर चुकी है बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है कि इस इलाके में इससे पहले भी पुलिस मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। 16 जनवरी को पुलिस ने यहां एक एमडी फैक्ट्री के खिलाफ छापा मारा था। उस कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स, नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ था। हालांकि उस समय मुख्य आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए थे। यह उन्हीं भागे हुए आरोपियों का परिवार और घर है। यहां परिवार भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है, ऐसी शंका जताई जा रही हैं। इसके अलावा जिस जगह पर यह ठिकाने बने हुए हैं, उसे भी अवैध रूप से कब्जा करके बनाया गया बताया जा रहा है। इसी कारण पुलिस और प्रशासन इन अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई करने पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस को वापस निराश होकर लौटना पड़ा।

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