चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आज बुधवार को समापन किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन और कई विभागों की ओर से पूरे महीने किए गए कामों की जानकारी दी गई। प्रोग्राम के दौरान उन कर्मचारियों, संस्थानों और बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम किया। समारोह में बिरला शिक्षा केंद्र और सैनिक स्कूल के स्टूडेंट्स को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार दिए गए। आयोजन का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों को कम करने का संदेश देना रहा। बच्चों की प्रतियोगिताओं को मिला प्रोत्साहन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले में कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें पेंटिंग प्रतियोगिता, अंग्रेजी निबंध लेखन, आर्ट और पोस्टर मेकिंग, इंटर स्कूल डिबेट, इंटर हाउस क्विज और ऑनलाइन रोड सेफ्टी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को प्रोत्साहन के रूप में हेलमेट और प्रशस्ति पत्र दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही यातायात नियमों की जानकारी देना बहुत जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बन सकें। परिवहन विभाग ने बांटे 3000 रिफ्लेक्टर आरटीओ नेमीचंद पारीक ने बताया कि पूरे महीने परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा रथ के माध्यम से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात नियमों का प्रचार-प्रसार किया। ऑटो चालक, स्टेज कैरिज चालक, भारी वाहन चालकों और स्कूल बस संचालकों के साथ बैठकें की गईं। इस दौरान 3000 रिफ्लेक्टर और 600 काउ बेल्ट लगाए गए। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा और दोपहिया वाहन रैलियां भी निकाली गईं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग ने 1340 चालान बनाए, जिनमें बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, मोबाइल पर बात करते हुए और तेज गति से वाहन चलाने के मामले शामिल रहे। पुलिस, शिक्षा और नगर पालिका की भूमिका रही एक्टिव पुलिस विभाग ने भी सड़क सुरक्षा माह में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस द्वारा 2529 वाहनों के चालान किए गए, जिनमें बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट, मोबाइल फोन पर बात करते हुए और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के मामले शामिल रहे। जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिले के सभी 470 सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें सड़क सुरक्षा रैली, निबंध, पोस्टर, स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिताएं करवाई गईं। वहीं नगर पालिका आयुक्त द्वारा शहर के मुख्य मार्गों पर झाड़ियों की कटाई और अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। स्वास्थ्य और निजी संस्थानों का भी मिला सहयोग महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सीताफल एक्सीलेंस सेंटर में 450 महिलाओं को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। चिकित्सा विभाग ने नेत्र जांच शिविर लगाए, जिनमें 627 लोगों की आंखों की जांच कर दवाइयां बांटी। इसके अलावा बिरला ग्रुप और हिंदुस्तान जिंक जैसे निजी संस्थानों ने भी हेल्प किया। इनके द्वारा हेलमेट रैली और आंखों की जांच शिविर लगाए गए, जिनमें 600 लोगों की जांच कर उन्हें निशुल्क दवाइयां और चश्मे दिए गए। अच्छा कार्य करने वालों को मिला सम्मान समापन समारोह में डीटीओ दयाशंकर गुप्ता ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान विभागीय स्तर पर अच्छा सहयोग और बेहतर काम करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल लेफ्टिनेंट कर्नल पारूल श्रीवास्तव, ट्रैफिक डीएसपी शिव प्रकाश टेलर, सीएमएचओ ताराचंद गुप्ता, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, आरटीओ नेमीचंद पारीक, डीटीओ नीरज नवीन शाह, सभी RTO इंस्पेक्टर सुशील उपाध्याय, किशन लाल तेली, सतीश मीणा, विक्रम सालवी, रविन्द्र झुरिया सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।


