चित्तौड़गढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 2 दिनों के तापमान पर नजर डाले तो मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। रविवार को जिले में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि शनिवार की तुलना में 1.2 डिग्री ज्यादा है। वहीं, न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और यह 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस था। रात का तापमान 1.6 डिग्री कम हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे जिले में लू (हीट वेव) का प्रभाव भी महसूस किया जा सकता है। चिलचिलाती धूप के साथ हुई दिन की शुरुआत
सोमवार सुबह से ही चिलचिलाती धूप ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। आमतौर पर सुबह-सुबह मिलने वाली हल्की ठंडक अब खत्म हो चुकी है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आमजन को सुबह 8 बजे से ही बेहाल कर दिया। आजकल शहर की सड़कों पर चहल-पहल कम दिखाई देती है और लोग जरूरी कामों के अलावा बाहर निकलने से परहेज करते है। तापमान में बढ़ोतरी और मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग ने आगामी चार से पांच दिनों के लिए मौसम पूरी तरह से ड्राई रहने का अनुमान लगाया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में पारा 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। यह स्थिति खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकती है। हीट वेव की शुरुआत और उसका प्रभाव
राजस्थान में गर्मी के मौसम की सबसे खतरनाक स्थिति होती है, हीट वेव, यानी लू चलना। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में सोमवार से हीट वेव का नया दौर शुरू हो चुका है। यह गर्म हवाओं का वह दौर होता है, जिसमें तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है और लू के कारण बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि चित्तौड़गढ़ जिले के लिए इसके लिए कोई अलर्ट नहीं जारी किया गया है, लेकिन तापमान के बढ़ने के साथ ही इसका असर जिले में भी पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 और 16 अप्रैल को हीट वेव की तीव्रता और बढ़ेगी। इस दौरान राजस्थान के कई जिलों के साथ-साथ चित्तौड़गढ़ में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। हवा की रफ्तार कम होने और बादलों की अनुपस्थिति के कारण दिन का तापमान अधिक रहेगा और गर्मी असहनीय हो सकती है। चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में जहां तापमान 45 डिग्री को पार करता है, वहां गर्मी से जुड़ी बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, घबराहट, थकावट और उल्टी-दस्त की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। 17-18 अप्रैल को आ सकता है मौसम में बदलाव
हालांकि, मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल को एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने की संभावना जताई है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम आंधी, मेघगर्जन और हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। चित्तौड़गढ़ जिले में भी इसका आंशिक असर देखने को मिल सकता है। यह बदलाव तापमान में थोड़ी राहत दे सकता है, लेकिन यह बहुत सीमित और अल्पकालिक हो सकता है।


