चित्तौड़गढ़ शहर के पास स्थित गांव लाल जी का खेड़ा में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में एक पक्ष से दो लोग घायल हुए हैं, हालांकि दोनों को मामूली चोटें बताई जा रही हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। दोनों पक्षों की ओर से थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मामला सदर थाना क्षेत्र का हैं। पहले पक्ष ने आम रास्ते पर हमला करने का आरोप सदर थाने के ASI जगवीर सिंह ने बताया कि पहले पक्ष की ओर से लाल जी का खेड़ा निवासी अमरा पुत्र हजारी लोधा ने पुलिस में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके भतीजे रतनलाल अपने पिता के साथ पशु लेकर कुएं की ओर जा रहे थे। रास्ते में आम रोड पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और हाथों में लाठी व सरिए लेकर खड़े हो गए। डर के कारण वे पास के एक मकान में चले गए। इसके बाद अमरा अपने बेटे और भतीजे के साथ वहां पहुंचे और बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ गया। रिपोर्ट में लाठी सरिया से जानलेवा हमला बताया गया है पहले पक्ष का आरोप है कि बातचीत के दौरान दूसरे पक्ष के लोग अचानक मारपीट पर उतर आए। सोनू गुर्जर, देवीलाल और पूर्व सरपंच मुकेश गुर्जर सहित कुछ जने लाठी और सरियों से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे अमरा, उनके बेटे गणपत और भतीजे मुकेश को चोटें आईं। आरोप है कि मारपीट जान से मारने की नीयत से की गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दूसरे पक्ष ने खेत में ट्रेक्टर रोक मारपीट बताई घटना उन्होंने बताया कि वहीं दूसरे पक्ष की ओर से गोपाल गुर्जर निवासी लाल जी का खेड़ा ने भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। गोपाल ने बताया कि वह अपने खेत पर ट्रैक्टर लेकर जुताई करने गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसका ट्रैक्टर रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। रिपोर्ट में कई लोगों के नाम बताए गए हैं और आरोप लगाया गया है कि सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। गोपाल का कहना है कि वह खेत में काम कर रहा था और बिना वजह उस पर हमला किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


