चित्तौड़गढ़ में मौसम एक बार फिर बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन अब दोबारा ठंड का असर बढ़ गया है। गुरुवार की सुबह हल्की धुंध के साथ शुरू हुई। हालांकि धूप निकलने के बाद कोहरा धीरे-धीरे छट गया, लेकिन ठंड का अहसास पहले से ज्यादा रहा। सुबह और शाम के समय चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया है। तापमान में आई मामूली लेकिन असरदार गिरावट पिछले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में गिरावट दर्ज हुई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले मंगलवार का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस था। यानी अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। भले ही यह गिरावट कम लगती हो, लेकिन इसका असर लोगों ने महसूस किया है। हवा की दिशा बदली तो ठिठुरन और तेज हुई मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी हवाएं लगातार सक्रिय हैं, जिनकी वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह-सुबह चलने वाली इन ठंडी हवाओं से वातावरण में ठिठुरन बढ़ गई है। लोगों को सुबह घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है। दोपहर में धूप जरूर निकल रही है, लेकिन उसका असर कमजोर है और ठंड पूरी तरह कम नहीं हो पा रही। दिसंबर में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड और ज्यादा बढ़ेगी। तापमान में और गिरावट की संभावना है। दिसंबर महीना शुरू होने के साथ ही सर्दी का असर और ज्यादा हो सकता है। कड़ाके की ठंड पड़ने के पूरे आसार हैं। ऐसे में लोगों को अभी से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। सुबह-शाम बाहर निकलना हुआ मुश्किल ठंड बढ़ने का असर अब लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगा है। सुबह के समय सड़कों पर पहले की तुलना में कम आवाजाही दिखाई दे रही है। बच्चे और बुजुर्ग ठंड से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग सुबह की सैर और व्यायाम से दूरी बना रहे हैं। वहीं, चाय-नाश्ते की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है, जहां लोग थोड़ी गर्माहट पाने के लिए रुके नजर आते हैं। चित्तौड़गढ़ में सर्दी का यह शुरुआती दौर है, और मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में तापमान और भी नीचे जा सकता है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है, ताकि बढ़ती सर्दी में स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।


