चित्तौड़गढ़ शहर में व्यापारी की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर नकदी लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आए थे और जेल में ही उनकी आपसी दोस्ती हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि लूट की रकम दो लाख नहीं, बल्कि बैग में सिर्फ 45 हजार रुपए ही थे। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 24 जनवरी को दुकान बंद कर घर लौटते समय हुई वारदात थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि 24 जनवरी को गिरिराज बजाज ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके बड़े पापा ओमप्रकाश बजाज दुकान बंद कर स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। उनके पास नकदी से भरा एक बैग था। घर के बाहर पहुंचते ही पीछे से दो से तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और अचानक ओमप्रकाश बजाज की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। इसके बाद आरोपी बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लूट जैसी गंभीर वारदात को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई और संदिग्धों की तलाश शुरू की। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की जांच की। एसपी के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने लगातार प्रयास किए और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया। जांच के दौरान सुनील कुमावत, दीपक सिंह चौहान और पुष्कर भील को संदिग्ध मानते हुए डिटेन किया गया और उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में कबूली लूट की वारदात डिटेन किए जाने के बाद तीनों संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान तीनों सुनील कुमावत पुत्र मोहनलाल कुमावत (29) निवासी हिन्दू छीपा मोहल्ला थाना कोतवाली, दीपक सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह चौहान (29) निवासी मस्जिद के पास पंचवटी थाना सदर और पुष्कर पुत्र खेमजी भील (23) निवासी भैरूसिंह जी का खेड़ा थाना कोतवाली ने व्यापारी से लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों आरोपी हाल ही में जेल से आए थे बाहर थानाधिकारी ने बताया कि दीपक चौहान अक्टूबर 2025 में हत्या के मामले में पांच साल की सजा कर जेल से बाहर आया था। सुनील कुमावत पोक्सो के मामले में सात साल जेल में रहकर करीब छह महीने पहले रिहा हुआ था। वहीं पुष्कर भी पोक्सो के मामले में साढ़े तीन साल जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर आया है। तीनों की दोस्ती जेल में ही हुई थी और तीनों विचाराधीन है। सुनील व्यापारी के पास के मोहल्ले में ढूंचा बाजार क्षेत्र में रहता है और व्यापारी की रोजाना गतिविधियों की जानकारी होने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, पीड़ित ने दो लाख रुपए होने की बात निकली। बैग में दो लाख रुपए नहीं, बल्कि सिर्फ 45 हजार रुपए ही थे। आरोपियों से रुपए बरामदगी की कोशिश की जा रही है।


