भास्कर न्यूज | चित्तरंजन चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना में पदोन्नत अधिकारी संघ की 44वीं वार्षिक आम सभा रविवार को ऑफिसर क्लब में आयोजित हुई। महासचिव पार्थ बोस ने वार्षिक प्रतिवेदन में वर्षभर की उपलब्धियों, समस्याओं और लंबित मांगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में चिरेका ने रेलवे बोर्ड द्वारा तय उत्पादन लक्ष्य को पार किया। ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ के लिए डब्ल्यूएपी-5 इंजन का रूपांतरण और 12000 एचपी ट्विन लोको का सफल परीक्षण संस्थान की तकनीकी श्रेष्ठता को दर्शाता है। चिरेका को अंतरराष्ट्रीय आईआरआईएस प्रमाणन भी मिला है। महासचिव ने बताया कि संघ के पदोन्नत अधिकारियों की संख्या 105 से अधिक हो गई है। इनमें 14 नए ग्रुप बी अधिकारी शामिल हैं। सभा में ग्रुप- बी अधिकारियों की पदोन्नति में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई। वर्ष 2020 से ग्रुप-ए अधिकारियों को ही उच्च वेतनमान दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। आईआरपीओएफ द्वारा प्रस्तावित एकमुश्त डीपीसी प्रक्रिया अब तक लंबित है। इससे कई अधिकारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। आईआरएमएस लागू होने के बावजूद पुरानी कैडर प्रणाली की बहाली से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। मिसलेनियस कैडर के अधिकारियों की धीमी करियर ग्रोथ पर चिंता जताई गई। ग्रुप- ए में चयन के बाद जेएजी स्तर की पदोन्नति में देरी और ग्रुप- बी की एंट्री ग्रेड को लेवल 10 किए जाने की मांग उठाई गई। सभा में इस वर्ष ग्रुप- ए में पदोन्नत हुए तीन अधिकारियों का स्वागत किया गया। सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित कर उनकी सेवाओं के प्रति आभार जताया गया। ‘इंडियन रेलवे प्रमोटी ऑफिसर्स बेनेवोलेंट फंड’ की जानकारी दी गई। सदस्यों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। सभा में इन्दु कुमार यादव को नया अध्यक्ष और शंकर शर्मा को सहायक सचिव पद के लिए प्रस्तावित किया गया। महासचिव पार्थ बोस ने सभी सदस्यों, अतिथियों और मीडिया का धन्यवाद किया।


