चुनाव और जनगणना कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी:अलाय को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर धरना एक महीने से जारी, परिवार के साथ धरने पर बैठने की बन रही कार्ययोजना

अलाय को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का जिला मुख्यालय स्थित पशु प्रदर्शनी स्थल पर धरना आज एक महीने के पड़ाव पर पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण अपनी मांग पर 17 दिसम्बर से अड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार अलाय में मुख्यालय खोलने की घोषणा नहीं करती, वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने आज फिर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी और आगामी दिनों बड़े विरोध प्रदर्शन के साथ साथ चुनावों और जनगणना कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ​एक महीने से जारी है संघर्ष ​धरने पर बैठे किसान नेता अनूप बिश्नोई ने बताया कि आंदोलन को एक महीना हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक मुख्यालय को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग अलाय में मुख्यालय खोलने की है। सरकार ने हमारी एक मांग तो मान ली है, लेकिन जब तक मुख्यालय नहीं बनेगा, हम धरने से नहीं उठेंगे।” ​बड़े सम्मेलन और सामूहिक बहिष्कार की तैयारी ​आंदोलनकारियों ने अब अपने विरोध को और तेज करने का निर्णय लिया है। अनूप बिश्नोई के अनुसार, आगामी 4-5 दिनों में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण अपने परिवारों और बच्चों सहित शामिल होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी कि वे इतनी बड़ी भीड़ की क्या व्यवस्था करते हैं। ​वहीं, एक अन्य ग्रामीण प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी पंचायत चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की जनगणना जैसी योजनाओं और सरकार की अन्य किसी भी गतिविधि में हिस्सा न लेने की चेतावनी दी है। ​राजनीतिक मुद्दा नहीं, हक की लड़ाई ​विपक्ष या अन्य लोगों द्वारा इसे ‘राजनीति चमकाने का जरिया’ बताए जाने के आरोपों को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे लोग उन्हीं पंचायतों से हैं जो मुख्यालय के स्थानांतरण से सीधे प्रभावित हो रही हैं। सभी राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। यह है पुरा मामला गौरतलब है कि नई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों के आदेश में सरकार ने पहले श्रीबालाजी को नई पंचायत समिति बनाया था। लेकिन इस घोषणा के साथ ही अलाय गांव और आसपास के करीब दो दर्जन गांवो ने इसका जमकर विरोध करते हुए अलाय को पंचायत समिति बनाने कि मांग की। सरकार ने भूल सुधार के आदेश में श्रीबालाजी – अलाय नाम से पंचायत समिति की घोषणा की लेकिन उसके बाद भी मुख्यालय को लेकर खिंचतान जारी है। एक तरफ श्रीबालाजी के ग्रामीण अपने यहां मुख्यालय की मांग कर रहे हैं जबकि अलाय के ग्रामीण अलाय में पंचायत समिति मुख्यालय की मांग को लेकर एक महीने से धरने पर बैठे हुए हैं। यह भी पढ़ें …

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