मंगला नाका चौक से उसलापुर ब्रिज के पहले तक सड़क के दोनों ओर इन दिनों परिंदों के चूजे सड़क पर गिरकर मर रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए आसपास के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कुछ चूजों को आसपास के लोगों ने बचा भी लिया है। मंगला नाका चौक से उसलापुर ब्रिज तक सड़क के दोनों ओर गुलमोहर के घने पेड़ लगे हुई हैं। इन पेड़ों पर ब्लैक क्राउन नाइट एरोम, लिटिल ई-ग्रेड सहित कुछ अन्य प्रजातियों के सैकड़ों घोंसले हैं। इन परिंदों ने अंडे दिए थे जिनसे अब चूजे निकल आए हैं। एक-एक घोंसले में 5 से 7 चूजे होते हैं। परिंदों के चूजे के पंख निकलने लगे हैं। इससे वे उड़ने की कोशिश करते घोंसले से फिसलकर सीधे नीचे सड़क पर गिर रहे हैं। इस दौरान रोड खाली होने पर जान बच जाती है, ऐसा नहीं होने पर हर दिन 4-5 चूजों की मौत वाहनों से कुचलकर हो रही है। सड़क पर गिरे जिन चूजों पर आसपास दुकानदार या राहगीरों की नजर पड़ जाती है वे उसे उठाकर किनारे कर देते हैं। उसके बाद उनकी मां उन्हें चोंच में दबाकर वापस घोंसले में ले जाती है। ऐसा पिछले एक सप्ताह से हो रहा है। इसकी जानकारी भी कुछ लोगों ने वन विभाग कार्यालय में दी लेकिन वहां से उन्हें रिस्पांस नहीं मिला न ही वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा।


