चूरू में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। शनिवार सुबह चली बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरा दिया। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को न्यूनतम तापमान में 8.1 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी के पाइपों और फसलों के पत्तों पर बर्फ जम गई। शुक्रवार शाम से ही चली शीतलहर चुभने वाली थी, जिससे राहत पाने के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाए। शनिवार को धूप निकलने के बावजूद कड़ाके की सर्दी का एहसास होता रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस था, जो शनिवार को लुढ़ककर 5.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह गिरावट शुक्रवार को हुई बारिश के बाद दर्ज की गई है, जिसने मौसम को और सर्द बना दिया। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब समाप्त हो गया है। आगामी दो-तीन दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री और अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट हो सकती है। शर्मा ने आगे बताया कि एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 26 और 27 जनवरी को राज्य के कुछ हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है। इसका सर्वाधिक प्रभाव 27 जनवरी को देखा जा सकता है, जिससे राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गांव घांघू में शनिवार को खेतों में पानी की पाइपलाइनों और फसलों के पत्तों पर बर्फ की मोटी परत जम गई। बर्फ से खेत की जमीन सफेद चादर से ढक गई, जो क्षेत्र में अत्यधिक ठंड का संकेत है।


