छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल 170 दिनों के बाद शनिवार को सेंट्रल जेल से बाहर आए। बेटे को रिसीव करने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल खुद ही कार चलाकर जेल परिसर पहुंचे थे। उनके साथ साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी मौजूद थे। बेटे को जमानत मिलने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। 18 जुलाई को चैतन्य को उनके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था। आज पोते के जन्मदिन पर उनकी रिहाई हो रही है। वहीं चैतन्य बघेल ने न्यायालय और समर्थकों को धन्यवाद दिया।जेल से बाहर आने की सूचना के साथ ही शनिवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जेल के बाहर एकत्रित थे। यहां ढोल-नंगाड़े के साथ जमकर नारेबाजी भी हुई। शाम करीब 4 बजे चैतन्य जेल से बाहर निकले। उन्हें कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहनाकर कंधे पर बैठा लिया।शेष|पेज 13 चैतन्य के जेल से रिहा होने पर भूपेश बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। सच का रास्ता है…लड़ेंगे भी…चलेंगे भी…जीतेंगे भी… इन दो मजबूत तर्क के आधार पर मिली बेल चैतन्य बघेल के केस में उनकी लीगल टीम ने दो प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया और दलील के साथ सबूत पेश किए। ईडी और ईओडब्लू दोनों के ही मामले में बताया कि पप्पू बंसल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है, लेकिन पप्पू को गिरफ्तार नहीं किया गया, सिर्फ बयान लिया गया। इससे एजेंसी की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठता है। इसे एजेंसी का ‘पिक एंड चूज’ की थ्योरी बताया। इसी तरह ईओडब्लू के मामले में फर्दर इन्वेस्टिगेशन के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति नहीं लेने का तर्क दिया।


