बस्तर रेंज में नक्सल विरोधी अभियानों ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। बीजापुर और सुकमा जिलों के दक्षिणी इलाकों में चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 माओवादी मारे गए हैं, इनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं। इनमें बीजापुर जिले से 2 और सुकमा जिले से 12 माओवादी शामिल हैं। मृतकों में नक्सलियों का आईईडी एक्सपर्ट हितेश भी शामिल है। मुठभेड़ स्थलों से एके-47, इंसास, एसएलआर राइफलों सहित गोला-बारूद बरामद किया गया है। खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर दक्षिण बस्तर क्षेत्र में डीआरजी की अलग-अलग 18 टीमें रवाना की गई थीं। सर्च ऑपरेशन में दोनों मुठभेड़ों के बाद मौके से 14 माओवादियों के शव बरामद किए गए। बरामद हथियारों से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली भारी हथियारों के साथ सक्रिय थे और किसी बड़ी नक्सली वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन सुरक्षा बलों की समय रहते कार्रवाई से उनकी योजना नाकाम हो गई। लक्ष्य मार्च 2026 तक पूरे बस्तर को नक्सल मुक्त करना है। एडिशनल एसपी आकाश राव की हत्या करने आईईडी हितेश ने ही लगाई थी ग्रांउड जीरो से नीरज भदौरिया की रिपोर्ट सुकमा जिले के बुर्कालंका के जंगलों में शुक्रवार की रात को हुए एक जबरदस्त ऑपरेशन ने नक्सलियों के खौफनाक कोंटा एरिया कमेटी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। डीआरजी ने कोंटा, दोरनापाल और डब्बाकोंटा के जंगलों में मंगड़ू और उसकी टीम को घेरकर ढेर कर दिया। इस ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों में सबसे अहम नाम कोंटा एरिया कमेटी के सचिव मंगड़ू और आईईडी विशेषज्ञ हितेश का है। हितेश ने ही पूर्व में एडिशनल एसपी आकाश राव की हत्या में इस्तेमाल आईईडी लगाया था। एनकाउंटर बुर्कापाल गांव से सटे हुए जंगलों में हुआ। भास्कर की टीम जब पहुंची तो शवों को जंगलों से बाहर निकाले जा रहे थे। मुठभेड़ को लेकर गांव के ज्यादातर लोग डरे हुए थे। इसी तरह जवानों ने भी बातचीत से इंकार कर दिया। मंगड़ू और हितेश की मौत के बाद कोंटा एरिया कमेटी बिखरी मंगड़ू कोंटा एरिया कमेटी का सक्रिय सचिव था और कई सालों से नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहा था। वहीं हितेश आईईडी लगाने में माहिर था। इन दोनों के नेतृत्व में ही कोंटा एरिया कमेटी चल रही थी। इन दोनों के साथ एरिया कमेटी में सक्रिय 12 नक्सली ही बचे थे अब इनके मारे जाने के साथ कोंटा एरिया पूरी तरह नक्सल मुक्त हो गया है और कोंटा एरिया कमेटी भी बिखर कर खत्म हो गई है। 10 बार लोकेशन मिला, हर बार बच निकला
अधिकारी ने बताया कि पिछले एक महीने में मंगड़ू की लोकेशन दस बार मिली थी, लेकिन हर बार ऑपरेशन शुरू होने के बावजूद वह बचकर निकल जाता था। इस बार उसे घेरने में सफलता मिली। नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन खत्म 20 साथियों के साथ बटालियन चीफ देवा ने किया आत्मसमर्पण तेलंगाना और बस्तर क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। संगठन के पीएलजीए बटालियन कमांडर बारसा देवा उर्फ सुक्का उर्फ देवा और तेलंगाना स्टेट कमेटी के वरिष्ठ नेता कंकनाला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश समेत कुल 20 हार्डकोर माओवादी कैडरों ने शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने 48 अत्याधुनिक हथियार और 2,206 राउंड जिंदा कारतूस भी सौंपे। यह हाल के वर्षों में देश में एक दिन में हुआ सबसे बड़ा और उच्च गुणवत्ता वाला हथियार सरेंडर है। पीएलजीए बटालियन और तेलंगाना स्टेट कमेटी लगभग खत्म हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण के साथ ही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन संरचना और तेलंगाना स्टेट कमेटी लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। देवा का भाई बोला-2022 में आया था आखिरी बार गांव
देवा का भाई बुधरा बारसा बोला 2022 में देवा गांव आया था, इसके बाद दुबारा कभी गांव नहीं आया। भाई आत्मसमर्पण करे इसको लेकर हम लगातार प्रयास कर रहे थे,भाई जिंदा बच गया, हम बहुत खुश हैं। 20 लाख रुपए नकद के साथ सौंपे ये हथियार
2 एलएमजी, 8 एके-47, 10 इंसास राइफल, 8 एसएलआर, 1 अमेरिकी Colt राइफल, 1 इजरायली राइफल, 4 बीजीएल, 11 सिंगल शॉट हथियार, 2 ग्रेनेड, 1 एयर गन शामिल हैं। 20.30 लाख नकद भी जब्त किए हैं।


