एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद नो-मैपिंग (कैटेगरी-सी) का काम शुरू हो चुका है। मतलब जिनके दस्तावेज अधूरे होने की वजह से मतदाता सूची में नाम काट दिए गए हैं, उन्हें नोटिस देने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिले की सात विधानसभा में 1 लाख 33053 मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि रोजाना 3 से 5000 मतदाताओं को नोटिस भेज रहे हैं। अभी तक 36 हजार 422 लोगों को नोटिस जारी की जा चुकी है। मतदाता सूची में नाम कटने के बाद से लोग परेशान भी हैं। वे अपना नाम ढूंढने के लिए मतदाता सूची की भी तलाश कर रहे हैं। किस विधानसभा में कितने मतदाताओं को देंगे नोटिस शहर में कई ऐसे भी मतदाता हैं, जिन्हें पता ही नहीं चला था कि उनका नाम कट गया है। नोटिस मिलने के बाद ही उन्हें इसकी जानकारी हो रही है। इसके बाद वे अपने बीएलओ की भी तलाश कर रहे हैं। कई लोगों को आरोप है कि एसआईआर फॉर्म भरने और जरूरी दस्तावेज देने के बावजूद उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। प्रशासन ने इस काम की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को भी दी है। वे ऐसे मतदाताओं को फोन कर रहे हैं जिनके आधार कार्ड या कोई दूसरे दस्तावेज छूट गए हैं। ऐसे लोगों के दस्तावेज जमा होने के बाद उनके नाम नई मतदाता सूची में जोड़ दिए जाएंगे। जिले में सबसे ज्यादा रायपुर पश्चिम और सबसे कम आरंग विधानसभा में मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है।


