दो साल की उप​लब्धि:25 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ दिए, फसल बीमा में 854 करोड़ का मुआवजा

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कृषक उन्नति योजना के तहत दो साल में प्रदेश के 25 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि दी गई है। इसी तरह सरकार का पूरा फोकस अब किसान-बीज-सिंचाई और बेहतर कृषि तकनीक के साथ डेयरी व्यवसाय पर है। नेताम ने पत्रकारों से बातचीत में अपने विभाग के दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब केवल धान खरीद तक सीमित नहीं रही, बल्कि बीज, बीमा, बागवानी, डेयरी, मत्स्य और तकनीक आधारित खेती की ओर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने गन्ना किसानों को भी पहली बार बड़े स्तर पर बोनस दिया। करीब 33 हजार किसानों से 17.25 लाख मीट्रिक टन गन्ना खरीदा गया और 92.57 करोड़ रुपए का बोनस दिया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दो वर्षों में 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपए का मुआवजा मिला। बीज उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी राज्य ने छलांग लगाई है। खरीफ 2025 में 21,478 हेक्टेयर में बीज उत्पादन, जो 2023 से 85% ज्यादा है। खरीफ 2024 में 4.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार हुआ और किसानों को 4.73 लाख क्विंटल बीज बांटा गया। नेताम ने बताया कि सिंचाई और यंत्रीकरण पर भी बड़ा निवेश हुआ है। दो वर्षों में 29,482 हेक्टेयर में ड्रिप–स्प्रिंकलर, 35 हजार किसानों को सूक्ष्म सिंचाई, 4359 किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, पावर टिलर, पर 116 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी दी गई। ऑयल पाम, रकबा बढ़ा
ऑयल पाम का रकबा 176 हेक्टेयर से बढ़कर 3159 हेक्टेयर हो गया। ग्रीनहाउस और शेडनेट हाउस में 400–500% की वृद्धि हुई है। पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज और ड्रिप सिंचाई ने सब्जी, फल और फूलों की खेती को व्यावसायिक बनाया। नेताम ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका भी बढ़ी है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने 162 फसल किस्में, 85 से अधिक तकनीकें, और 25 पेटेंट विकसित किए हैं। अब यहां न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से बीज विकास भी शुरू हो रहा है। दूध का उत्पादन बढ़ा
पशुपालन में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। दूध उत्पादन 1955 हजार टन से बढ़कर 2162 हजार टन, अंडा उत्पादन 22,101 लाख से 24,819 लाख, और मांस उत्पादन 54.5 हजार टन से बढ़कर 64.3 हजार टन पहुंच गया। वहीं प्रदेश में 163 मोबाइल वेटनरी यूनिट अब गांव-गांव इलाज कर रही हैं। मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ अब देश के टॉप राज्यों में शामिल हो रहा है। राज्य का मछली उत्पादन दो साल में 34% बढ़कर 8.73 लाख टन हो गया है और बीज उत्पादन में 69% की वृद्धि हुई है। किसान को सीधा पैसा खेती की रीढ़–बीज और सिंचाई गांवों में मिल रहा रोजगार

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *