कांकेर में एक साल पुराने चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को नया बस स्टैंड से पकड़ा है। आरोपी चोरी किया हुआ मोबाइल बेचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने दूसरे साथी का नाम बताया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। मकान की देखरेख के दौरान हुई थी चोरी मामला कांकेर के एमजी वार्ड का है। विक्रांत वासनिकर ने 8 मई 2024 को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। एमजी वार्ड स्थित मकान में उनकी सास सुशीला रामटेके रहती थीं। उनके निधन के बाद विक्रांत अपनी पत्नी प्रियंका रामटेके के साथ वहां आते-जाते थे। प्रियंका नौकरी के सिलसिले में भिलाई में भी रहती थीं, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहने, मोबाइल और नकदी समेत 1.92 लाख रुपए की चोरी कर ली थी। 6 मई को दिया था वारदात को अंजाम बस स्टैंड से पकड़े गए आरोपी सुभाष वार्ड निवासी नागेश अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि 6 मई 2024 को उसने अपने साथी रवि सारथी के साथ मिलकर सुशीला रामटेके के मकान का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर चोरी की। दोनों ने वहां से एक वीवो मोबाइल और चांदी की पायल चुरा ली। बाद में चांदी की पायल रवि सारथी को दे दी गई, जबकि मोबाइल नागेश अवस्थी ने अपने पास रख लिया। होली मनाने आया और पकड़ में आ गया पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद नागेश अवस्थी हैदराबाद फरार हो गया था। लेकिन होली का त्योहार मनाने के लिए 15 मार्च को वह वापस लौटा। पैसे खत्म होने पर उसने नया बस स्टैंड में चोरी का मोबाइल बेचने की कोशिश की, जहां पुलिस ने उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने अपने साथी रवि सारथी का भी नाम उजागर कर दिया। दोनों आरोपी गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद पुलिस ने नागेश अवस्थी के बयान के आधार पर एमजी वार्ड में रहने वाले रवि सारथी को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने एक वीवो मोबाइल (कीमत 15,000 रुपए) और चांदी की पायल (कीमत 3,000 रुपए) चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस ने चोरी का सामान बरामद कर लिया है। आरोपियों को जेल भेजा गया पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।


