लुधियाना| चौड़ा बाजार में स्थानीय लोगों ने आस्था और सामूहिक सहयोग का अनूठा उदाहरण पेश किया। भक्तों ने बर्फ से शिवलिंग के स्वरूप में आकर्षक आकृति तैयार की। शिवलिंग को फूल-मालाओं और पारंपरिक पगड़ी से सजाया गया। आसपास गेंदे के फूल बिछाकर दर्शन की व्यवस्था की गई। सात फीट ऊंचे धवल और विहंगम हिम स्वरूप के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अमरनाथ गुफा की प्रतिलिपि के रूप में तैयार यह दिव्य स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। भास्कर न्यूज | लुधियाना हर-हर महादेव का जयघोष महाशिवरात्रि महोत्सव कमेटी द्वारा आयोजित भव्य रथ यात्रा ने रविवार को औद्योगिक नगरी लुधियाना को पूरी तरह आध्यात्मिक शिवधाम में तब्दील कर दिया। पुडा मैदान से जब चांदी के रथ पर सवार होकर महादेव नगर भ्रमण पर निकले तो हर आंख श्रद्धा से नम और हर हाथ सेवा में जुटा नजर आया। पंडित गणेश दत्त के सान्निध्य में जब 31 विद्वान ब्राह्मणों ने एक साथ शंखनाद किया तो पूरा वातावरण शिवमय हो गया। टीटू पायलट परिवार द्वारा विधि-विधान से पूजन के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष रजनीश धीमान और गुरुदेव शर्मा देबी ने नारियल फोड़कर मंगल यात्रा को रवाना किया। शहर के मुख्य बाजारों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। इस दौरान 101 श्रद्धालु विशेष वेशभूषा में भगवान के सारथी बने, जबकि फौजी बैंड और गतका पार्टियों ने शौर्य का प्रदर्शन किया। घंटाघर और डिवीजन नंबर 3 में भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। इसी बीच भक्तों ने पुष्प वर्षा की। गायक कुमार संजीव और अशोक पटाका के भजनों पर झूमते भक्तों का कारवां फील्डगंज और चौड़ा बाजार होते हुए प्राचीन संगला वाला शिवालय पहुंचा। पूरे मार्ग में संस्थाओं द्वारा 351 से अधिक भंडारे लगाए गए थे। देर रात महंत दिनेश पुरी और गुरुदेव आनंद अत्री द्वारा की गई भव्य महाआरती के साथ इस आलौकिक यात्रा का समापन हुआ। बर्फ से बनाया 7 फीट का शिवलिंग । रथ यात्रा के दौरान आज आपसी भाईचारे और अटूट प्रेम की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। शाही इमाम पंजाब मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी के नेतृत्व में जामा मस्जिद लुधियाना के मुस्लिम समाज के लोगों ने रथ यात्रा का जोरदार स्वागत किया। रथ यात्रा जामा मस्जिद के निकट पहुंची मुस्लिम भाईचारे ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया जिससे माहौल भक्ति हो गया। इस मौके पर शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी ने कहा कि लुधियाना की मिट्टी में प्यार और साझा संस्कृति रची-बसी है।


