भास्कर न्यूज | अंबिकापुर शहर में नवरात्र की भीड़ चल रही है और ट्रैफिक व्यवस्था बनाने पुलिस विभाग व नगर निगम द्वारा करीब एक दशक पहले चौक-चौराहों में लगाए गए ट्रैफिक सिग्नलों में से 80 फीसदी खराब हो चुके हैं। इसे बनवाने न तो पुलिस विभाग को फुर्सत है और न ही नगर निगम परिषद को कोई चिंता। ये सिग्नल निगम के माध्यम से ही एक एजेंसी द्वारा लगाए गए और इस पर काम यातायात पुलिस करती है। ज्यादा काम पुलिस का ही है, लेकिन दो विभागों के चक्कर में व्यवस्था ही गड़बड़ हो गई है। स्थिति ये है कि शहर में लगे 11 ट्रैफिक सिग्नलों में से 9 बंद हो चुके हैं। सिर्फ गांधी चौक व लरंग साय चौक में ही ये सिग्नल चल रहे हैं। ये भी बीच में कई बार टाइमिंग अलग अलग बताने लगते हैं। ये स्थिति तब है, जबकि पुलिस इस साल यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से ही 2 करोड़ रुपए जुर्माना वसूल चुकी है। सिग्नल खराब होने से चौकों में वाहनों की आवाजाही पर कोई नियंत्रण नहीं है। हर तरफ की ट्रैफिक चालू रहने से वाहन अपनी रफ्तार में एक तरफ से दूसरी तरफ निकल रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना रह रहा है। यातायात विभाग का कहना है कि मेंटेनेंस का काम नगर निगम का है, जबकि निगम को ये पता ही नहीं है कि सिग्नल खराब है। जाहिर है दोनों विभागों में तालमेल की कमी है। यातायात विभाग सिर्फ जुर्माना वसूलने की ताक में है, तो नगर निगम ट्रैफिक सिग्नल के पास लगाने वाले विज्ञापनों से सिर्फ राजस्व वसूली के फेर में लगा हुआ है। इस चौक पर चारों तरफ से छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही हो रही थी। इनमें एक ओर हाइवा था तो दूसरी तरफ से ऑटो और दूसरे वाहन थे। सभी चौक में एक-दूसरे से पहले आगे निकलने की कवायद थी। इससे हादसे का खतरा बना रह रहा था। अंबेडकर चौक समय दोपहर 2 बजे इस चौक में मनेंद्रगढ़ एनएच, बनारस रोड आकर मिलती है। फिर शहर तरफ से टीवी टावर होते सड़क यहां आकर मिलती है। एनएच व स्टेट हाईवे के कारण यहां छोटे व बड़े वाहनों की आवाजाही लगी रही। इससे चौक में हादसे का खतरा बना रहा। खराब सिग्नल की मुझे जानकारी नहीं कुछ ट्रैफिक पुलिस ने ही बंद करवाया सिग्नल खराब होने की सूचना पर उसे बनवाया जाता है। सुबह और शाम को सिग्नल को चालू और बंद करने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की ही रहती है। सिग्नल खराब हैं, इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। कुछ चौकों के सिग्नल को यातायात पुलिस ने खुद बंद करवाया था, क्योंकि यहां इसकी जरूरत नहीं है। -विजय कुजूर, राजस्व प्रभारी, नगर निगम, अंबिकापुर जहां जरूरत नहीं, वहां भी लगा दिए सिग्नल देखा जाए तो ट्रैफिक सिग्नल के लिए चौक में पर्याप्त जगह होनी चाहिए। शहर में जब सिग्नल लगाया गया, तब इसका ख्याल नहीं रखा गया। हर जगह इन्होंने सिग्नल लगा दिया। यहां तक कि महामाया चौक, संगम चौक, अग्रसेन चौक सहित अन्य चौकों में ये लगाए गए, जबकि यहां जगह कम है। ये चौक शहर के बीच में है। पहले हमने कई बार बनवाया था, लेकिन वर्तमान में ये नगर निगम की जिम्मेदारी ^चौक-चौराहों में लगे ट्रैफिक सिग्नल का काम रायपुर की एक एजेंसी करती है। इसके मेंटेनेंस का काम नगर निगम के माध्यम से ये एजेंसी करती है। हमने अपने स्तर पर कई बार खराब होने वाले ट्रैफिक सिग्नल बनवाया, लेकिन ये खराब हो गए। इसके सामान भी अब नहीं मिलते हैं। इसलिए भी दिक्कत आती है। -विजय कैवर्त, यातायात प्रभारी, अंबिकापुर पुलिस ने कब कितना वसूला जुर्माना वर्ष प्रकरण जुर्माना 2021- 10016 224150 रुपए 2022- 5584 2187050 रुपए 2023- 23127 10413650 रुपए 2024- 32348 23604300 रुपए 2025 अब तक 28221 24662850 रुपए


