छतरपुर के लवकुशनगर थाना क्षेत्र के मेडिका गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक परिवार पर हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित नरेंद्र राजपूत ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि मामले को साधारण मारपीट में बदलकर उल्टा केस दर्ज किया गया। उन्होंने न्याय के लिए मंगलवार को एसपी को आवेदन दिया है। नरेंद्र राजपूत के अनुसार, यह घटना 9 महीने पहले 1 मार्च की सुबह 11 बजे हुई थी। जब वह अपने खेत पर खड़े थे, तभी गांव के राजकुमार राजपूत, राहुल राजपूत, अंशुल राजपूत, राजा सेन और भूपत राजपूत ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। नरेंद्र के मना करने पर भी उनके सिर और कोहनी पर डंडों से वार किया गया। नरेंद्र राजपूत ने यह भी बताया कि उन्हें बचाने आए उनके बेटे विकास राजपूत और शैलेंद्र राजपूत, बहू हेमलता राजपूत, मां भूरी बाई और गौरव सक्सेना को भी पीटा गया, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरपंच नंद किशोर राजपूत को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसी कारण हमलावरों ने पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग डंडों से मारपीट करते हुए पुलिसकर्मियों के सामने दिख रहे हैं। घायल जमीन पर पड़े हुए हैं और महिलाएं बीच-बचाव करने की कोशिश कर रही हैं। इस मामले पर लवकुशनगर एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि यह जमीनी विवाद का मामला है। उन्होंने कहा कि वे थाने से जानकारी लेंगे कि चालान कटा है या नहीं और डायरी क्यों पेश नहीं की गई। एसडीओपी ने मामले की जांच कराने की बात कही है।


