छतरपुर में हाईवे पर आवारा पशुओं से बढ़ रहे हादसे:मृत मवेशी नोचते दिखे कुत्ते video, 7 पशुपालकों पर FIR

छतरपुर के पन्ना नेशनल हाईवे (एनएच-39) पर आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर हो गई है। दिन हो या रात, हाईवे पर घूमते और बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं। रात के समय सड़क पर बैठे पशुओं के कारण वाहन धीमी गति से चलते हैं, कई बार ड्राइवरों को खुद उतरकर मवेशियों को हटाना पड़ता है। आवारा पशुओं के सड़क पर बैठने से बढ़ रहे हादसे
बीते दिनों नेशनल हाईवे गंज के पास एक ट्रक ने गोवंश के झुंड को रौंद दिया, जिसमें सात गायों की मौत हो गई। वहीं 11 सितंबर को बमीठा गुड़ा ब्रिज के पास गोवंश से बाइक टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन साल की बच्ची घायल हुई। आवारा पशुओं की वजह से सड़क पर रोजाना हादसे होने लगे हैं। कई पशुपालकों पर केस दर्ज हुआ
छतरपुर जिले में आवारा पशुओं की समस्या को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने 6 अगस्त को आदेश जारी किए थे कि सभी आवारा पशुओं को एक सप्ताह के भीतर गौशालाओं में भेजा जाए। आदेश का पालन न करने पर 25 अगस्त को सात पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक लापरवाही के कारण अधिकांश गौशालाएं खाली पड़ी हैं और सड़क पर रोजाना बड़ी संख्या में गाय-बैल दिखाई देते हैं। एनएच अधिकारी देवेंद्र चापेकर ने बताया कि हर 60 किलोमीटर पर एक पेट्रोलिंग वाहन तैनात किया गया है, जिसमें चार कर्मचारी दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर मिलने वाले आवारा पशुओं को गौशालाओं में शिफ्ट कराया जा रहा है, ताकि दुर्घटनाओं और पशु मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके।

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