छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व विवाद, भाजपा बोली-भूपेश भरोसा खो चुके:बैज-चौबे के बयानों पर भाजपा नेताओं ने कसा तंज, कांग्रेस ने कहा-पहले अपना घर संभालें

छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों कांग्रेस के अंदरूनी विवाद और भाजपा के तंजों से गर्माई हुई है। पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बीते दिनों एक बयान देकर बड़ा राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया। चौबे ने कहा था कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को करना चाहिए। उनके इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले को गंभीर मानते हुए इसे दिल्ली हाईकमान तक ले जाने के संकेत दिए। इसके बाद चौबे ने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया और सफाई दी है। हालांकि, चौबे की सफाई के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। कांग्रेस के इस विवाद को भाजपा ने एक बड़ा मुद्दा बना लिया है। भाजपा नेताओं ने हर मंच पर कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को जनता के सामने उठाना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि भूपेश बघेल अब कांग्रेस के भीतर भरोसा खो चुके हैं, तभी उनके अपने नेता ही उन्हें नेतृत्व देने या हटाने जैसी बात कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यह कांग्रेस की दिशा और दशा दोनों की पोल खोलने वाला प्रकरण है। पढ़ें भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया में क्या पोस्ट किया भाजपा के सोशल मीडिया पेज पर बुधवार 27 अगस्त को पोस्ट हुआ। इस पोस्ट में कांग्रेस भवन का कमरा दिखाया गया और पांच नेताओं की फोटो के साथ कमेंट लिखे गए हैं। कमेंट में ‘कांग्रेस में मची रार, एक-दूसरे को निपटाने कर रहे तकरार’ कैप्शन भी लिखा है। अब पढ़ें भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने क्या कहा कांग्रेस नेताओं के बयान पर भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने भी तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को पहले जनता ने नकारा और पार्टी के नेता नकार रहे हैं। पूर्व मंत्री ने बयान दिया तो क्या हो गया जो हाय-तौबा मची हुई है। हाय-तौबा देखकर यह साफ है कि कांग्रेस संगठन नहीं चाहता कि भूपेश बघेल पार्टी का चेहरा बने। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को यह बताना चाहिए कि वे पूर्व सीएम से किनारा क्यों कर रहे हैं? अब पढ़ें कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने क्या कहा भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि सूप तो सूप, अब 72 छेद वाली चलनी भी आवाज कर रही है। भाजपा नेताओं को अपनी पार्टी के बारे में सोचना चाहिए। जिस प्रकार से विधायक अजय चंद्राकर ने भाजपा के सम्मान कार्यक्रम में गमछा और मोमेंटो फेंक दिया, साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कई भाजपा नेता नहीं पहुंचे। संगठन विस्तार के बाद कई नेता और कार्यकर्ता नाराज फूफा की भूमिका में हैं। भाजपा नेताओं को इन सबको संभालना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भाजपा की तीन टके वाली सरकार के खिलाफ सभी पदाधिकारी-कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज कराएंगे। भाजपा डरी हुई है, घबराई हुई है, इसलिए उनके नेता ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। कांग्रेस नेता अपना घर संभालने में सक्षम हैं, भाजपा नेता अपना घर देखें।

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