छत्तीसगढ़ के भाकपा माओवादी के दो सक्रिय सदस्यों ने मंगलवार को लातेहार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर लातेहार एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर की मौजूदगी में पुलिस मुख्यालय में हुआ। सरेंडर के दौरान दोनों के परिजन भी मौजूद थे आत्मसमर्पण करने वालों में अमरजीत उर्फ काली उर्फ सनी बृजिया और मिथिलेश उर्फ अखिलेश शामिल हैं। दोनों छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के समरीपाठ क्षेत्र के रहने वाले हैं। सरेंडर के दौरान दोनों के परिजन भी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने शॉल, माला और बुके देकर उनका स्वागत किया। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि लगातार चल रहे अभियान से उग्रवादी संगठन कमजोर हुए हैं। उन्होंने बचे हुए उग्रवादियों से सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ लेने की अपील की। सीआरपीएफ कमांडेंट याद राम बुनकर ने चेतावनी दी कि जो नहीं मानेंगे, उनके लिए पुलिस की गोली का सामना करना पड़ेगा। दोनों पर छिपादोहर थाने में एक-एक मामला दर्ज दोनों माओवादी पहले छोटू खरवार और मृत्युंजय भुईयां के दस्ते में काम कर चुके हैं। इन्होंने बारेसाढ़, छिपादोहर, महुआडांड, बूढ़ा पहाड़, कुसमी, सिमरिया और सामरपाठ क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम किया है। दोनों के खिलाफ छिपादोहर थाने में एक-एक मामला दर्ज है। ये 2020 में रमनदाग इलाके में हुई पुलिस मुठभेड़ में भी शामिल थे।


