छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 31 जनवरी को नामांकन वापसी का आखिरी दिन था। अब 79 मेयर प्रत्याशी ही मैदान में रह गए हैं। जबकि 1889 पार्षद के उम्मीदवार हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही होगा। वहीं, कांग्रेस-बीजेपी में दावेदारों ने बगावती तेवर अपना लिया है। कांग्रेस में सबसे ज्यादा नाराजगी दिखी है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर समेत 7 नगर निगमों में कांग्रेस के मेयर-पार्षद दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस बागियों से भी सामना करना पड़ेगा। जबकि, बीजेपी में कुछ जगहों पर ही विरोध है। रायपुर में सबसे ज्यादा मेयर उम्मीदवार रायपुर निगम में सबसे ज्यादा मेयर के 16 दावेदार सामने आए हैं। राजनांदगांव और कोरबा से 11-11 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। दुर्ग में केवल बीजेपी-कांग्रेस के बीच ही टक्कर है। इसके अलावा वार्ड पार्षद दावेदारों की बात करें, तो रायपुर में 306, कोरबा में 281, बिलासपुर में 230, दुर्ग में 228 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। कांग्रेस ने ज्यादा मुस्लिम प्रत्याशी उतारे वहीं मुस्लिम उम्मीदवारों की बात करें तो कांग्रेस ने 10 नगर निगमों के 542 वार्डों में पार्षद के लिए 40 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं, जो 7.38 प्रतिशत है। वहीं भाजपा ने 542 वार्डों में सिर्फ 4 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो 0.73 प्रतिशत है। राज्य बनने के बाद हुए चुनाव और नगर निगमों में अब तक के महापौर नोट: भिलाई-चरोदा, भिलाई, रिसाली और बीरगांव नगर निगम में चुनाव अलग समय पर होते हैं। ये काम आचार संहिता में नही हो सकेंगे


