छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी हिंदुओं को मिलेगी राहत:गृहमंत्री बोले-प्रताड़ित अल्पसंख्यक भारत में रह सकते हैं, कांग्रेस बोली-मजहब के आधार पर तय नहीं हो सकती नागरिकता

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने साफ किया है कि, पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यक हिंदुओं को भारत छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्हें CAA के तहत नागरिकता भी मिलेगी। जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा कि, नागरिकता का हक सिर्फ मजहब के आधार पर तय नहीं हो सकता। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। जिससे रायपुर समेत राज्य में रह रहे सिंध प्रांत से आए हिंदू शरणार्थियों में बेचैनी थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, पाकिस्तान में प्रताड़ित अल्पसंख्यक भारत में रह सकते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया है। इसके बीच केंद्र सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश जारी किया था। इस फैसले से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बसे पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए हिंदू शरणार्थियों में बेचैनी थी। लेकिन अब राज्य सरकार की ओर से इन अल्पसंख्यकों को बड़ी राहत मिली है। गृहमंत्री बोले- पाकिस्तानी अल्पसंख्यक यहां रह सकेंगे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने साफ किया है कि, पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को फिलहाल देश छोड़ने की जरूरत नहीं है। हमने इस संबंध में केंद्र सरकार से मार्गदर्शन मांगा था। अब स्पष्ट निर्देश हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक और प्रताड़ित समुदाय के लोग भारत में रह सकते हैं। ऐसे लोगों को CAA के तहत नागरिकता भी दी जाएगी। कांग्रेस ने उठाए सवाल- मजहब के आधार पर कैसे मिलेगा अधिकार? पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का आदेश दिया है। ऐसे में राज्य सरकार कैसे उसके आदेश को संशोधित कर सकती है? क्या कोई मजहब के आधार पर यह साबित कर देगा कि वह प्रताड़ित है? साहू ने आगे कहा कि, प्रताड़ित हिन्दुओं की क्या परिभाषा है, क्या कोई सर्टिफिकेट लाकर दिया जा रहा है कि उन्हें वहां की सरकार प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल मजहब के आधार पर किसी पाकिस्तानी नागरिक को रहने दिया जाए ये हमारे संविधान में नहीं है। नागरिकता या भारत में रहने का अधिकार सिर्फ धर्म के आधार पर नहीं दिया जा सकता। यह संवैधानिक और कानूनी मसला है, जिसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए। शदाणी दरबार के संत ने की थी अपील रायपुर स्थित शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि, पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और भारत में बसे पीड़ित हिंदू समाज के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और न्यायपूर्ण रवैया अपनाया जाना चाहिए। रायपुर में बड़ी संख्या में बसे हैं पाकिस्तानी हिंदू बताया जा रहा है कि, रायपुर समेत राज्य के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी सिंध प्रांत से आए सैकड़ों हिंदू शरणार्थी वर्षों से रह रहे हैं। कई लोग नागरिकता के लिए आवेदन कर चुके हैं। सरकार के इस नए रुख से उन्हें राहत की उम्मीद बंधी है। …………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… पाकिस्तान में जन्मे बच्चे छत्तीसगढ़ में बड़े हुए: फर्जी वोटर-ID बनवाने पर जेल गए, रायगढ़ में 80 साल से रह रहा परिवार छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोड़ातराई गांव में पाकिस्तानी भाई-बहन को पुलिस ने पकड़ा है। वे फर्जी वोटर आईडी बनाकर यहां रह रहे थे। दरअसल दोनों भाई-बहनों का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। उनके पिता याकूब कोड़ातराई के रहने वाले थे, लेकिन उन्होंने शादी पाकिस्तान में की और दो बच्चे पाकिस्तान में जन्म लिए और 1 बच्चे का जन्म यहां छत्तीसगढ़ में हुआ। पढ़ें पूरी खबर…

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