छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेलवे परियोजना के सर्वे कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों को धमकाने और शासन-प्रशासन को खुलेआम चुनौती देने के आरोप में भारत मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक रूपनारायण एक्का और उनके सहयोगी सुनील खलखो को गिरफ्तार किया गया है। पत्थलगांव थाना में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना 29 अप्रैल 2025 की सुबह उस समय हुई जब तहसीलदार बागबहार कृष्ण मूर्ति दीवान और रेलवे अधिकारियों की टीम तिरसोंठ गांव में सर्वे कर रही थी। कलेक्टर को चुनौती, कानून मानने से इनकार रूपनारायण एक्का और उनके साथी ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को धमकाया और सर्वे रुकवा दिया। उनका आरोप था कि उनकी जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। इतना ही नहीं, उन्होंने ग्रामीणों को उकसाते हुए अधिकारियों के खिलाफ भड़काया। विवाद के दौरान एक्का ने अधिकारियों से कहा, यहां कलेक्टर का आदेश नहीं चलता। हम राज्य और केंद्र सरकार के कानून नहीं मानते। यहां सिर्फ हमारा कानून चलेगा। उन्होंने आदिवासी पंचायत में बुलाकर अधिकारियों को कांजी हाउस में बंद करने की धमकी भी दी। अन्य आरोपियों की तलाश जारी इसके बाद तहसीलदार बागबहार कृष्ण मूर्ति दीवान ने पत्थलगांव थाने में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पत्थलगांव थाना में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 121(1), 132, 221, और 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है और लगातार दबिश दी जा रही है। मुखबिर की सूचना से अंबिकापुर में हुई गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सरगुजा पुलिस की मदद से अंबिकापुर की ओर भाग रहे रूपनारायण एक्का को सीतापुर-बतौली मार्ग पर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय वह घबरा गया और माफी की गुहार लगाने लगा। वहीं, उसके साथी सुनील खलखो को तिरसोंठ स्थित उसके घर से पकड़ा गया। एसएसपी खुद कर रहे निगरानी
जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ……………………………………………….. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कोरबा-लोहरदगा रेल लाइन का विरोध:जशपुर में ग्रामीणों ने सर्वे टीम को रोका, मुआवजे की मांग; पुलिस से हुई नोकझोंक छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में कोरबा-लोहरदगा रेल लाइन के प्रस्तावित सर्वे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को सर्वे के लिए पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश से रोक दिया। विरोध कर रहे ग्रामीण 5वीं अनुसूची का हवाला देते हुए जमीन अधिग्रहण का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…


