केस: 1– पान कारोबारी से 50 लाख रुपए की हुक्का सामग्री जब्त मार्च 2024 को रायपुर पुलिस ने राज टाकीज के पास राज पान पैलेस में छापा मारा और 50 लाख रुपए की हुक्का सामग्री जब्त की। कार्रवाई करने वाली टीम में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गोलबाजार पुलिस शामिल थी। पुलिस अफसरों का दावा था कि दुकान संचालक मसाला–सिगरेट बेचने की आड़ में रायपुर और आस पास के जिलो में हुक्का सामग्री बेचते थे। पुलिस ने दुकान और गोडाउन से 1 ट्रक हुक्का सामग्री जब्त की थी। केस:2– सतपाल फार्म हाउस में हुक्का पार्टी पर कार्रवाई विधानसभा पुलिस ने 17 नवंबर 2024 को रायपुर के पिरदा इलाके में स्थित सतपाल फार्म हाउस में छापा मारकर हुक्का पार्टी करने वाले 7 आरोपियों को पकड़ा था। इन आरोपियों से पुलिस ने 8 नग हुक्का पॉट, 200 ग्राम फ्लेवर जब्त किया है। सभी के खिलाफ पुलिस कोटपा एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। ये कार्रवाई बता रही है, कि राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हुक्का बार संचालन और सामग्री बेचने पर प्रतिबंध है। हुक्का पिलाने वाले और उसकी सामग्री का कारोबार करने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी हुक्का सामग्री बेचने वाले कारोबारी अलग–अलग रास्ता निकालकर बेखौफ होकर इसे बेच रहे है। पढ़े रायपुर सहित प्रदेश भर में कैसे चल रहा हुक्का कारोबार का सिंडिकेट? कैसे सप्लाई हो रही हुक्का सामग्री? और किस तरह से चल रहा पूरा कारोबार…….. रायपुर पुलिस ने दुकानों में पहुंचकर हुक्का सामग्री, प्रतिबंधित सिगरेट में कार्रवाई करना शुरू की, तो कारोबारियों ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट लिंकिट (परीवर्तित) बनाकर इसका कारोबार शुरू किया है। ग्राहक इसे ऑनलाइन शॉपिंग साइट में जाकर इसे खरीद रहा है और घर बैठे इसकी डिलीवरी पा रहा है। सब्जी, फल और किराना सामान की तरह हुक्का सामग्री भी खुलेआम शॉपिंग साइट में बिक रही है, लेकिन इन पर प्रतिबंध लगाने में पुलिस और प्रशासन और नाकाम है। 14 मिनट में हुक्का सामग्री पहुंची भास्कर ऑफिस शहर में ऑनलाइन शॉपिंग साइट के माध्यम से खुलेआम हुक्का सामग्री बेचने वालों के खिलाफ दैनिक भास्कर ने पड़ताल शुरू की। दिल्ली के एड्रेस में संचालित लिंकिट (परीवर्तित) नाम की शॉपिंग साइट में हुक्का फ्लेवर, कोयला, हुक्का पॉट, चिलम, चमीटा, पाइप और अन्य कोयला बिकता हुआ मिला। शॉपिंग वेबसाइट का स्लोगन है, कि रायपुर के किसी भी इलाके में कुछ ही मिनटो में सामग्री पहुंचा देगा। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने शॉपिंग वेबसाइट में जाकर हुक्का फ्लेवर को बुक किया। हुक्का फ्लेवर बुक होते ही शॉपिंग वेबसाइट का डिलीवरी ब्वॉय 14 मिनट में रजबंधा मैदान स्थित दैनिक भास्कर के ऑफिस पहुंच गया। रिपोर्टर ने डिलीवरी ब्वॉय को ऑफिस के अंदर बुलाया तो वो अंदर आया। उसके सामने रिपोर्टर ने पार्सल खोला तो हुक्का फ्लेवर के साथ अन्य सामान निकला। डिलीवरी ब्वॉय ने पार्सल छोडा और वहां से चला गया। इन इलाकों में बनाया गोदाम भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के एड्रेस पर कारोबारी ने वेबसाइट का निर्माण किया है। रायपुर के कटोरा तालाब, शंकर नगर और पंडरी इलाके में सामान डिलीवर्ड करने के लिए यार्ड बनाया है। यहां से रायपुर के हर इलाके में कोरियर ब्वॉय के माध्यम से हुक्का प्रोडक्ट की डिलीवरी की जा रही है। हुक्का सामग्री बेचने के लिए जिन युवकों को लगाया गया है, उन्हें बकायदा प्रिंटेड ड्रेस दी गई है। इसके माध्यम से कोरियर ब्वॉय सामान पहुंचाने के साथ–साथ वेबसाइट का प्रचार प्रसार भी कर रहे है। जब भी 10 से 15 मिनट के अंदर शहर के हर लोकेशन में हुक्का सामग्री पहुंचाई जा रही है, तो पूरा काम शहर से ही ऑपरेट किया जा रहा है। होटलों–फार्म हाउस में ग्राहको को परोसा जा रहा हुक्का–शराब छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध के बावजूद होटलों और फार्म हाउस में हुक्का फार्म परोसा जा रहा है। बंद कमरे में डबल पेमेंट लेकर कारोबारी ये सुविधा अपने ग्राहको को उपलब्ध करवा रहे है। हुक्के के अलावा बिना लायसेंस शराब भी पिलाई जा रही है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को कारोबारियों के इस अवैध कारोबार की जानकारी है, लेकिन रसूखदारों के एप्रोच के कारण ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बीते दिनों रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने अभियान चलाकर वीआईपी रोड समेत आउटर के इलाके में कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद कुछ दिन तक स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन फिर से होटलों में कॉफी कप के अंदर बियर और शराब परोसने की सुविधा शुरू हो गई है। हुक्का पीने से होता है कैंसर सीनियर कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. यूसुफ मेमन के अनुसार हुक्के में कार्बन मोनो ऑक्साइड, हैवी मेटल्स होता है। इसके लगातार सेवन से कैंसर होता है। धुंए को अंदर खीचने से लंग्स कैंसर, आंतों और गले का कैंसर होता है। हुक्का पीने से हार्ट, किडनी, लीवर सिरोसिस, बॉडी की इम्युनिटी कम होना, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियां होती है। सिगरेट से दोगुना निकोटिन फेफड़ों में जाता है एक सिगरेट 8-10 कश में पी जा सकती है। लेकिन जब कोई हुक्का पीता है, तो एवरेज 100 से 200 कश ले लेता है। यानी सिगरेट से डेढ़ या दो गुना ज्यादा निकोटिन हमारे फेफड़ों में जाता है। चूंकि धुंआ पानी के जरिए आता है तो यह ज्यादा तादाद में फेफड़ों में पहुंचता है। एक घंटे के हुक्का सेशन में 90,000 मिलीलीटर धुंआ हमारे फेफड़ों में पहुंचता है जबकि एक सिगरेट से 500–600 मिलीलीटर धुआं शरीर के अंदर जाता है। हुक्के में सिगरेट के मुकाबले 9 से 10 गुना ज्यादा कार्बन मोनो ऑक्साइड इनहेल होती है। हुक्का शेयर करने वालों के बीच बीमारी फैलती है लाउंज में लोग हुक्का शेयर करते हैं। एक ही पाइप को कई लोग मुंह में लेकर पीते हैं। इससे इन्फेक्शन बढ़ने का खतरा अधिक होता है। कई जगहों पर कोरोना वायरस के फैलने का कारण भी इसे माना गया है। 2020 में दिल्ली में कोविड वायरस को फैलने से रोकने के लिए हुक्का बैन किया गया था। हुक्के में निकोटिन हो या न हो, इसके इस्तेमाल को इसलिए बंद किया गया क्योंकि लाउंज में इसे शेयर करके पिया जाता है। छत्तीसगढ़ में हर साल बढ़ रहा मरीजों का ग्राफ राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में हर साल कैंसर के मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है। वर्ष 2021 से 2024 के आंकड़ो को देखे तो हर साल कैंसर सक्रमित मरीजों की ग्रोथ देखने को मिली है। छत्तीसगढ़ में 2021 में 28529, 2022 में 29253, 2023 में 30014 और 2024 में संक्रमितों की संख्या 30763 पहुंची है। छत्तीसगढ़ में हुक्के को लेकर ये है नियम 20 फरवरी 2023 को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में हुक्का बार का संचालन अवैध घोषित किया था। संशोधन अधिनियम के तहत राज्य में किसी भी प्रकार के हुक्का बार के संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही किसी भी सामुदायिक हुक्का बार में हुक्का या नरगिल के माध्यम से धुम्रपान को भी निषिद्ध किया गया है। हुक्का बार के संचालन पाये जाने पर हुक्का बार के विषय या साधन के रूप में उपयोग की जाने वाली किसी भी सामग्री या वस्तु को जब्त करने का प्रावधान किया गया है। जो कोई भी व्यक्ति हुक्का बार का संचालन करते पाया जाएगा उसके विरूद्ध गैर-जमानतीय अपराध कायम होगा तथा वह ऐसे कारावास जो कि 03 वर्ष तक का हो सकेगा, किन्तु 01 वर्ष से कम नहीं होगा और जुर्माना, जो कि 50 हजार रुपये तक का हो सकेगा, किंतु जो 10 हजार रुपये से कम का नहीं होगा, से दंडनीय होगा। इसी तरह जो कोई व्यक्ति हुक्का बार में हुक्का के माध्यम से धूम्रपान करते हुये पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी जुर्माना कार्रवाई की जाएगी। जो एक हजार से 5 हजार रुपए तक होगा। आप जानकारी दीजिए, हम करेंगे कार्रवाई: एसएसपी सिंह ऑनलाइन बिक रही हुक्का सामग्री को लेकर दैनिक भास्कर टीम ने रायपुर एसएसपी लाल उमेंद सिंह से बात की। दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान एसएसपी रायपुर ने ऑनलाइन हुक्का सामग्री बेचने वाली वेबसाइट की जानकारी मांगी और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। एसएसपी सिंह के अनुसार हुक्का फ्लेवर बेचने वालों पर ठोस कार्रवाई की जाएगी। हुक्के को लेकर ये है मिथ राज्यवार कैंसर पीड़ित मरीजों की संख्या वर्षवार (सोर्स: राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट) हुक्के के ये फ्लेवर मिल रहे बाजार में


