छत्तीसगढ़ में MDMA का मेन सप्लायर है नाइजीरियन भूतनाथ:विदेशी ड्रग्स-सिंडिकेट से पार्टनरशिप, दिल्ली से चला रहा नेटवर्क, 44 अरेस्ट, डेढ़ करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में MDMA का मेन सप्लायर और ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टर नाइजीरियन भूतनाथ है। ड्रग्स नेटवर्क को नाइजीरियन ड्रग्स सप्लायर्स के साथ मिलकर दिल्ली से ऑपरेट कर रहा है।रायपुर पुलिस भूतनाथ को पकड़ने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर रेड कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक ड्रग्स सिंडिकेट तक पैसा पहुंचाने वाले साइलेंट पार्टनर पर भी पुलिस की नजर है। भूतनाथ रायपुर में 2 महीने में 50 लाख की MDMA सप्लाई कर चुका है, जिसे पुलिस ने सीज किया है। इसके अलावा ड्रग्स बेचने के मामले में अब तक 44 आरोपी पकड़े गए हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने 2 महीने की लगातार कार्रवाई के बाद ड्रग तस्करों के कब्जे से 1 करोड़ 50 लाख रुपए की ड्रग्स बरामद की है। इसमें 1 करोड़ रुपए की हेरोइन भी शामिल है। पुलिस को ड्रग सिंडिकेट के खाते में डेढ़ करोड़ रुपए का लेन-देन भी मिला है। MDMA सप्लाई का मेन चैनल भूतनाथ के हाथ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में MDMA सप्लाई का मुख्य चैनल भूतनाथ ही ऑपरेट कर रहा है। भूतनाथ की तलाश के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों के बड़े-बड़े शहरों में दबिश दी जा रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही MDMA का मेन सप्लायर पकड़ा जाएगा। ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क तोड़ने के बाद, मामले की जांच कर रहे अधिकारी इस गिरोह के पार्टनर्स और विदेशी कनेक्शन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां की जाएंगी। साइलेंट पार्टनर और फाइनेंशियल मददगारों की तलाश बताया जा रहा है कि रायपुर में हेरोइन और MDMA बेचने वाले गिरोह के पीछे केवल सप्लायर ही नहीं, बल्कि कई साइलेंट पार्टनर भी हैं। ये सभी फाइनेंशियल मदद और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराते हैं। पुलिस अब इनकी पहचान में जुटी है। बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स से मिले इनपुट की जांच की जा रही है। 2 हजार नंबर और 1500 अकाउंट्स की जांच रायपुर पुलिस के सामने बड़ी चुनौती संदिग्धों का नेटवर्क है। 2 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर और करीब डेढ़ हजार बैंक खातों के डिटेल खंगाले जा रहे हैं। इनमें से कई अकाउंट फर्जी पहचान पत्र से खोले गए हैं।इन खातों के जरिए करोड़ों रुपए की हेराफेरी और हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल का शक है। फाइनेंशियल ट्रेल और डिजिटल क्लूज से आरोपियों की तलाश नशे के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस अब फाइनेंशियल ट्रेल और डिजिटल क्लूज पर काम कर रही है। मोबाइल चैट, वॉट्सऐप कॉल, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन वॉलेट की भी जांच की जा रही है। यह नेटवर्क केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लिंक अन्य राज्यों से भी है। भास्कर की खबर के बाद अफसर हरकत में रायपुर में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की खपत हो रही थी। इसके शिकार युवा हो रहे थे। दैनिक भास्कर टीम को इस नेटवर्क की जानकारी मिली। पड़ताल के बाद होटल और कारों में ड्रग्स का सेवन कर रहे कुछ युवकों की खबर प्रकाशित की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद अफसरों ने तुरंत एक्शन लिया और जांच तेज कर दी। ……………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ‘ड्रग्स क्वीन’ नव्या-विधि कोर्ट में पेश…चेहरा छिपाती दिखी:पाकिस्तानी-ड्रग्स, MDMA केस में 5 तस्करों को जेल, कई रईसजादों को ड्रग्स सप्लाई, इनमें कारोबारी-नेताओं के बेटे पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन और दिल्ली से मंगाई गई MDMA जैसी खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई करने वाली इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। इसके साथ ही ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े ऋषि राज टंडन, मोनू बिश्नोई और हर्ष आहूजा को भी पेश किया गया। सभी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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