राजधानी में यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए 4 नए ट्रैफिक थाने का सृजन किया गया है। वर्तमान में शहर में ट्रैफिक थानों की संख्या 4 से बढ़कर 8 हो गई है। सभी 8 ट्रैफिक थाने में प्रभारी और जवानों की पोस्टिंग तो की गई है, पर कुछ का अपना भवन नहीं है। इनमें 5 ट्रैफिक थाने ऐसे हैं जिसका अपना भवन ही नहीं है। सामान्य थानों के भवन में ही एक या दो कमरा लेकर ट्रैफिक थाने का संचालन किया जा रहा है। चुटिया ट्रैफिक थाने का अपना भवन है भी तो वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बारिश के मौसम में वहां काम करना मुश्किल है। भवन में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को बारिश शुरू होते ही टेबल-कुर्सी पर चढ़कर बैठना पड़ता है। आवश्यक फाइलों को पानी से बचाना मुश्किल हो जा रहा है। पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी इस स्थिति की जानकारी है। यही वजह है कि ट्रैफिक एसपी ने नए थाना भवन बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजा है। पुलिस मुख्यालय को भेजे गए प्रस्ताव में ट्रैफिक एसपी ने कहा है कि चुटिया ट्रैफिक थाने की स्थिति जर्जर हो चुकी है। ऐसे में पुराने भवन को ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराने की आवश्यकता है। ट्रैफिक एसपी ने जिला प्रशासन को भी पत्राचार कर 4 ट्रैफिक थानों के लिए जगह चिह्नित करने का आग्रह किया है। जगह चिह्नित किए जाने के बाद वहां भी नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन ट्रैफिक थानों के लिए जगह होंगे चिह्नित 1. पंडरा ट्रैफिक थाना 2. डेली मार्केट ट्रैफिक थाना 3. खेलगांव ट्रैफिक थाना 4. डोरंडा ट्रैफिक थाना 15 डिसमिल में बनेगा गोंदा ट्रैफिक थाना गोंदा ट्रैफिक थाना के लिए कांके रोड स्थित गोंदा थाना के पीछे जगह चिह्नित कर लिया गया है। ट्रैफिक थाने के भवन के लिए 15 डिसमिल जमीन चिह्नित की गई है। जल्द ही इस जमीन में ट्रैफिक थाने का नया भवन बनना शुरू होगा।


