भास्कर न्यूज | डौंडी जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम ने तहसीलदार देवेंद्र नेताम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पटवारी हल्का नंबर 14 से 19 को फिर से डौंडी तहसील में शामिल करने की मांग की। नेताम ने बताया कि पहले किसान अपने काम के लिए डौंडी तहसील कार्यालय आते थे। क्षेत्र विभाजन के बाद इन छह हल्कों को दल्ली राजहरा उप तहसील में जोड़ दिया गया। इससे किसानों में नाराजगी है। नेताम ने कहा कि डौंडी तहसील बनने पर किसानों में खुशी थी। डौंडी में ब्लॉक मुख्यालय, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, बीईओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आईटीआई, आधा दर्जन छात्रावास, स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक, पुलिस थाना, कॉलेज और तीन हायर सेकंडरी स्कूल हैं। किसान रोज किसी न किसी काम से डौंडी आते हैं। तहसील के काम भी यहीं निपटाते थे। अब हल्का नंबर 14 से 19 के गांव बेलेदा, मथेना, आमाडूला, भर्रीटोला, सूरडोंगर और ठेमा बुजुर्ग को दल्ली राजहरा उप तहसील में जोड़ दिया गया है। इन गांवों से दल्लीराजहरा के लिए सीधी बस सुविधा नहीं है। डौंडी के लिए बसें चलती हैं। किसान आसानी से डौंडी आ-जा सकते हैं। दल्ली राजहरा जाने के लिए उन्हें डौंडी पार करना पड़ता है। इससे समय और पैसा दोनों ज्यादा लग रहा है। नेताम ने कहा कि प्रशासन को किसानों की चिंता नहीं है। मथेना और आमाडुला के किसान खाद और बीज के लिए भटक रहे हैं। शासन-प्रशासन चुप है। पूर्व में एसडीएम को डौंडी मुख्यालय में बैठने के लिए भी ज्ञापन दिया गया था। उस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।


