एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता पारस गुर्जर ने छात्रसंघ चुनाव बंद करने को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। कार्यकर्त्ताओं ने गर्मजोशी से प्रवक्ता गुर्जर का स्वागत किया। पारस गुर्जर ने कहा कि एक स्टूडेंट को लीडरशिप में आगे का मौका छात्रसंघ चुनाव से ही मिलता है। छात्र कॉलेज-यूनिवर्सिटी से लोकतंत्र की परिभाषा सीखता है। प्रदेश में चाहे किसी की भी सरकार हो मगर छात्रसंघ चुनाव बंद नहीं करने चाहिए। वर्तमान भाजपा सरकार को छात्रसंघ चुनाव बहाल करने चाहिए। गुर्जर ने कहा कि 2004 में भाजपा सरकार में छात्रसंघ चुनाव बंद हुए थे। फिर कांग्रेस की सरकार बनने पर बहाल किए थे। 2010 के बाद कॉलेज-यूनिवर्सिटी के कई युवा अध्यक्ष बने और उनमें से कई आज राजस्थान के विधानसभा में पहुंच चुके हैं, जो शहर, गांव-ढाणी के मुद्दे उठा रहे हैं। प्रवक्ता गुर्जर ने भाजपा सरकार के एक साल को विफल बताते हुए कहा कि भाजपा ने सबसे बड़ा धोखा युवाओं के साथ किया। बेरोजगारी भत्ता समय पर नहीं दे रही और एक लाख भर्तियों का वादा भी अधूरा पड़ा है। अब संविदा पर भर्तियां निकालकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नौकरी मांगने वाले युवाओं पर लाठियां बरसाई जा रही है। जल्द ही एनएसयूआई की नई जिला कार्यकारिणी भी गठित करेंगे। जिले में सक्रिय छात्रनेता को ही अध्यक्ष पद के लिए मौका दिया जाएगा। नई टीम खड़ी करेंगे और हर जिला व ब्लॉक स्तर पर एनएसयूआई संगठन को मजबूती के साथ खड़ा करने का काम करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता गुर्जर ने मिर्धा कॉलेज कैंपस में दौरा कर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता स्टूडेंट की हर समस्या का समाधान करवा रहे हैं। जिले की मिर्धा सहित सभी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के दौरान एनएसयूआई कमबैक करेगी। अब जल्द ही बेरोजगारी भत्ता, युवाओं को सरकारी नौकरी, छात्रवृत्ति, छात्रसंघ चुनाव करवाने सहित अन्य मुद्दों को लेकर एनएसयूआई पूरी ताकत के साथ जिला व स्टेट लेवल तक आंदोलन खड़ा करेंगे। इसे लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। सरकार हर आदेश पलट रही है एक आदेश निकालती है तो दूसरा वापस लेती है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा, ब्लॉक अध्यक्ष हीरालाल भाटी, दिलफराज खान, युवा नेता जगदीश बागड़िया, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हनुमान लोमरोड़, पूर्व उपाध्यक्ष मोहन मेघवाल, महिपाल ग्वाला, रविंद्र धूण सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


