छात्राओं के आरोपों के बाद टीचर का सुसाइड, स्कूल सील:परिजन शव रखकर कर रहे प्रदर्शन; झाबुआ की माही नदी में कूदा था शिक्षक

झाबुआ के पेटलावद में माही नदी में कूदने वाले टीचर का शव मंगलवार सुबह बरामद कर लिया गया। टीचर ने सोमवार दोपहर घुघरी के पास माही नदी पुल से छलांग लगाई थी। कूदने से पहले अजय पाटीदार ने सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लगाया था, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार एक स्कूल को ठहराया था। शव मिलने के बाद अजय के परिजनों ने स्कूल बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। परिजन मृतक अजय का शव स्कूल के बाहर रख कर प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर नायब तहसीलदार विजेंद्र कटारे, अंकिता भिड़े सारंगी चौकी प्रभारी दीपक देवरे उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं परिजन और अजय के दोस्त हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर माही नदी तक पहुंची और युवक की तलाश शुरू की। शाम तक युवक का पता नहीं चलने पर गोताखोरों को बुलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिली और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। सुबह 10 बजे मिला शव मंगलवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया और लगभग 10 बजे अजय का शव नदी से मिल गया। इस घटना से जुड़ी एक अन्य जानकारी के अनुसार, एक छात्रा की शिकायत पर सोमवार देर रात पेटलावद पुलिस थाने में युवक के खिलाफ भारतीय दंड न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 75(1)(i), 296(ए), 351(3), 79 और पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 7 एवं 8 के तहत मामला दर्ज किया गया था। परिजनों ने लगाया टार्चर करने का आरोप
मृतक शिक्षक के मामा नानालाल पाटीदार ने बताया है कि एक दिन पहले ही स्कूल से तीन शिक्षक घर आए थे। उन्होंने अजय से कहा तुम बस स्कूल आना पढ़ाना नहीं। जब मेरा भंजा स्कूल पहुंचा तो बच्चे के अभिभावकों ने उसे टार्चर किया। इसके बाद स्कूल वालों ने उसका हिसाब करके जाने को कहा। इसके बाद अजय पूरा पैसा स्कूल के बच्चों के बीच उड़ता हुआ निकल गया। उसने अपने स्टेटस पर ऐसा कदम उठाने पर की बात लिखी थी। इसकी पूरी जवाबदारी स्कूल प्रशासन की रहेगी। स्कूल ने क्लास का वीडियो नहीं दिया
मृतक अजय के दोस्त दीपक पाटीदार ने बताया कि अजय सुबह 11 बजे स्कूल गया था जहां उसके साथ बहसबाजी हुई। स्कूल ने सिर्फ वहीं वीडियो वायरल किए जो उन्हें बेहतर लगे। अजय पर जिस क्लास में बैड टच का इल्जाम लगाया उस क्लास का वीडियो सामने नहीं लाए। लेकिन ऐसा नहीं किया बल्कि अजय को सब लोगों ने मिलकर टार्चर किया। इसको जो पैसे दिए थे अजय ने उन्हें फाड़कर फेंक दिए और कहा किया तुमने मुझपर गलत इल्जाम लगाए हैं। मेरी मौत के जिम्मेदार तुम लोग होगे। स्कूल ने बचने के लिए कराई एफआईआर
इससे बचने के लिए स्कूल प्रबंधन से थाने में जाकर अजय के खिलाफ मामला दर्ज कराया दिया। साथ स्कूल की अन्य छात्राओं का लेकर गवाही कराई। वहीं एक पहचान की छात्रा को लेकर पेटलावद थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा दी। साथ भ्रमक जानकारी अजय के बारे में फैलाई गई। इससे परेशान होकर ही अजय ने जान दे दी।

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