राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सिरोही की छात्राओं ने उन्नत और आधुनिक जैविक खेती का अवलोकन किया। यह अवलोकन विज्ञान-गणित गतिविधि के अंतर्गत किया गया। प्रिंसिपल हीरा खत्री और पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव के नेतृत्व में छात्राओं ने यह दौरा किया। सर्वप्रथम, छात्राओं ने समाजसेवी सूरजपाल सिंह अरठवाड़ा के फार्म हाउस का दौरा किया। यहां उन्होंने अमरूद, नींबू, पपीता और आम सहित विभिन्न फल व सब्जियां देखीं। समाजसेवी सूरजपाल सिंह देवड़ा, पूर्व सरपंच निशा कुंवर और चक्रवती पाल सिंह देवड़ा ने छात्राओं को आधुनिक जैविक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निशा कुंवर ने छात्राओं को फल तोड़कर खाने की अनुमति दी, जिसका छात्राओं ने खूब आनंद लिया। निशा कुंवर ने स्कूल की संस्था प्रधान और छात्राओं का स्वागत कर जलपान भी कराया। सुमेरपुर पहुंचने पर समाजसेवी अमृत लाल प्रजापत ने छात्राओं को सुप्रसिद्ध वड़ा पाव की औद्योगिक जानकारी दी और अल्पाहार कराया। कृषि अनुसंधान केंद्र सुमेरपुर में डॉ. लेखा के मार्गदर्शन में डॉ. हर्षवर्धन सिंह शेखावत और डॉ. जितेश शर्मा ने कृषि अनुसंधान से होने वाले संभावित लाभों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। क्षेत्र भ्रमण के दौरान छात्राओं ने टमाटर, गेहूं, चना, सरसों, तारामीरा और जीरा सहित विभिन्न फसलों पर चल रहे शोध कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने फार्म पर संचालित ग्रेडिंग मशीन और कृषि कार्यों में उपयोग आने वाले विभिन्न उपकरणों का भी निरीक्षण किया और उनकी कार्यप्रणाली की सराहना की। इस दौरान गोविंद सिंह जेतावत और भीमाराम ने सहयोग किया। कृषि महाविद्यालय में डॉ. नेमाराम ने छात्राओं को कृषि विषय में अध्ययन के क्षेत्र, रोजगार के अवसर और विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन कराकर छात्राओं को कृषि शिक्षा के बारे में जानकारी दी। इसके बाद छात्राओं ने सीएलजी इंस्टीट्यूट सुमेरपुर की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने कॉलेज की शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ भौतिक संसाधनों का भी निरीक्षण किया। अवलोकन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज की विज्ञान और तकनीकी लैब, ई-लर्निंग सुविधा, डिजिटल पुस्तकालय, बालवाटिका कक्षा, स्पोर्ट्स कक्ष, पेवेलियन और डिजिटल टीचिंग के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्हें नवाचारों के साथ अध्यापन और एक्टिविटी-आधारित शिक्षण प्रणाली से भी अवगत कराया गया।


