कोटा के उद्योग नगर इलाके से गुजरने वाले बड़े नाले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर निगम की ओर से नाले के दोनों तरफ बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन लोगों का कहना है कि यह काम आधा-अधूरा और बिना समस्या के स्थायी समाधान के किया जा रहा है। इस नाले में अनंतपुरा, रानपुर, प्रेम नगर और गोविंद नगर सहित चार बड़े नालों का पानी आता है, साथ ही बारिश का सारा पानी भी इसी नाले से होकर निकलता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम ने नाले की केवल औपचारिक सफाई करवाई, लेकिन उसमें पड़ा भारी कचरा और मिट्टी नहीं उठाई गई। कचरा जमा होने के कारण नाला गहरा नहीं हो पाया, जिससे बारिश के समय पानी का बहाव रुक जाता है और नाला ओवरफ्लो हो जाता है। नतीजतन हर साल आसपास की कॉलोनियों में जलभराव हो जाता है और कई घरों में पानी घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय पूर्व पार्षद फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि यहां रहने वाले लोग हर साल बारिश के मौसम में इसी समस्या को लेकर शिकायत करते हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई बार निगम में शिकायत दे चुके हैं और अब नए आयुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। उनका कहना है कि इस नाले में कोटा स्टोन की सैलरी भी परत जमी हुई है यदि नाले में पड़ा कचरा पूरी तरह उठा लिया जाए तो नाले की गहराई बढ़ेगी और पानी आसानी से निकल सकेगा। यह कोटा के बड़े नालों में से एक है, लेकिन लापरवाही के चलते हर साल लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।


