कोटा में बिल्डिंग हादसे के पहले शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बिल्डिंग के पास कुछ स्टूडेंट् थे। रेस्टोरेंट में मौजूद एक छात्रा ने कहा था, हेमर मशीन धीरे चलाओ नहीं तो बिल्डिंग गिर जाएगी। उसके बाद रात सवा 9 बजे पास की बिल्डिंग गिर गई। यह कहना है इंदिरा विहार निवासी निखिल पाल सिंह का। उन्होंने बताया- कि मैं मुरादाबादी बिरयानी का रेगुलर कस्टमर हूं, शनिवार दोपहर साढ़े 3 बजे करीब रेस्टोरेंट पर बिरयानी लेने गया था, उस समय रेस्टोरेंट के पास वाली दुकान पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। बड़ी वाली ड्रिल मशीन चल रही थी, रेस्टोरेंट में काफी बच्चे खाना खा रहे थे। ड्रिल मशीन की आवाज सुनकर मेरा भी ध्यान गया, एक बच्ची (छात्रा) ने कहा था कि ड्रिल मशीन धीरे चलाओ नहीं तो बिल्डिंग टूट जाएगी। उसके बाद रात को वहीं हो गया जो छात्रा ने कहा था। बिल्डिंग गिर गई। मेरा डेली का रुटीन है, रात को जिम से आने के बाद रेस्टोरेंट से बिरयानी लेकर जाता हूं। हादसे के बीस मिनट बाद मौके पर पहुंचा। अगर 20 मिनट पहले पहुंचता तो शायद मैं भी हादसे का शिकार हो जाता। बिल्डिंग के पास हॉस्पिटल में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ हरि ओम नामा ने बताया कि एकदम से बिल्डिंग गिरी हम सभी लोग वहां पहुंचे तुरंत हमने 5 से 7 लोगों को निकाल कर हमारे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां से उन्हें कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। अचानक भगदड़ मची गई स्टूडेंट शालीन ने बताया कि मैं रेस्टोरेंट के बाहर बैठा हुआ था, अचानक अंदर भगदड़ मची, लोग बाहर भागने लगे, इतने में एकदम से बिल्डिंग नीचे गिर गई। मैं भी उठकर तुरंत भगाने लगा, मेरे भी पैरों में चोट आई है। कुछ देर बाद मौके पर प्रशासन रेस्क्यू करने के लिए पहुंच गया था। रेस्टोरेंट कर्मचारी बंटी ने बताया कि पास में मुरादाबादी रेस्टोरेंट है, वहां पर बिल्डिंग में काम चल रहा था, कई दिनों से उसे बिल्डिंग को हेमर से छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ने का काम कर रहे थे। जिस वजह से वाइब्रेशन बहुत ज्यादा हो रहा था। बंटी ने रात रेस्टोरेंट में 10 से 12 स्टाफ और कुछ कस्टमर बैठे हुए थे, अचानक टूटने की आवाज आने लगी, अंदर से कस्टमर और स्टाफ भागते हुए बाहर निकले, इतने में पूरी बिल्डिंग गिर गई। हमारे रेस्टोरेंट के ओनर कि इसमें पैर कट गया। वहीं अंदर रोल बनाने वाले कर्मचारी 3 घंटे तक अंदर दबे रहे, देर रात उन्हें रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया। हादसे में घायल हुए रेस्टोरेंट कर्मचारी मोहम्मद साबिर (38) ने बताया कि रेस्टोरेंट के अंदर से सभी लोग बाहर भाग रहे थे। मैं भी भागने लगा, इतने में एक छत का हिस्सा टूटकर मेरे ऊपर गिर गया और मैं वहीं पर दब गया। ढाई से 3 घंटे तक अंदर बिल्डिंग के मलबे में दबा रहा। मैने अंदर से फोन कर बाहर सूचना भी दी कि मुझे बचाओ में अंदर दबा हुआ हूं। ये है पूरा मामला कोटा के तलबंडी इलाके की इंदिरा विहार कॉलोनी में अपोलो हॉस्पिटल के सामने शनिवार रात 9 बजे तीन मंजिला इमारत ढह गई। बिल्डिंग ढहने के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। हादसे में 20 साल के कोचिंग स्टूडेंट और 14 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। हादसे में घायल 10 लोगों को कोटा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया गया था, जहां 2 की इलाज के दौरानी मौत हो गई। मरने वालों में एक 20 साल का कोचिंग स्टूडेंट और एक 15 साल का बच्चा है। वहीं 5 घायलों को प्राइइेट हॉस्पिटल पहुंचाया गया। हादसे में घायल 5 लोगों को देर रात हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मोहम्मद साबिर (38), मोहम्मद जहांगीर (30) और सुदीता (30) का प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। शालीन सुवास्य (25) और पूरब मीणा (24) कोटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया कि रेस्टोरेंट के कर्मचारी भूपेंद्र की शिकायत पर पड़ोसी रेस्टोरेंट संचालक और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (IPC की धारा-304) का मामला दर्ज किया गया है। लोगों ने उठाए सवाल हादसे के बाद मुरादाबादी रेस्टोरेंट का मालिक और पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेस्टोरेंट के आसपास अवैध अतिक्रमण भी था। वहीं, पास की बिल्डिंग में जेसीबी और हैमर से चल रही तोड़फोड़ को लेकर पड़ोसियों ने पहले ही आपत्ति जताई थी, लेकिन काम नहीं रोका गया। बिल्डिंग हादसे के बाद लोगों ने कहा कि शहर की अवैध निर्माणों के चलते यह हादसा हुआ है। प्लॉट महज 10×20 वर्गफीट यानी करीब 200 वर्गफीट का है। भूखंड करीब 25 साल पहले रीको ने सिंगल दुकान के लिए आवंटित किया था, जो अब नगर निगम क्षेत्र में आता है। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कोटा में 3-मंजिला बिल्डिंग गिरी, स्टूडेंट समेत 2 की मौत:13 घायल, मलबे में दबे दिखे हाथ-पैर; घायल बोले- खाना खाते समय इमारत ढही कोटा में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग गिरी, देखिए 10 PHOTOS:मलबे में दबे लोग चीख रहे थे- हमें बचा लो; युवक के दोनों पैर कटे


