छात्र संगठनों ने विधेयक की प्रतियां फाड़कर जलाईं, राज्यपाल से मिले

राज्यपाल से किया आग्रह, विधेयक पर हस्ताक्षर न करें विधानसभा से पारित झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक-2025 का विरोध थम नहीं रहा है। छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र आजसू और आदिवासी छात्र संघ ने गुरुवार को इस विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। विधेयक की प्रतियां फाड़कर जला दीं। इसके बाद छात्र आजसू के सदस्य राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिले। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पास हुआ तो विश्वविद्यालय की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी। उन्होंने राज्यपाल से इस पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया।
छात्र संगठनों का आरोप है कि यह विधयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्ता और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है। छात्र विधेयक के दो बिंदुओं पर विरोध कर रहे हैं। पहला-विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रति कुलपति और अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल से लेकर राज्य सरकार को दिया गया है। दूसरा-लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव नहीं कराया गया है। ​उच्च शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के किसी भी अधिकार का हनन नहीं, लोग भ्रम फैला रहे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि विधेयक को लेकर तमामल लोग भ्रम फैला रहे हैं। इसमें छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का कहीं भी हनन नहीं हुआ है। विधेयक में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यूनिवर्सिटी स्तर पर यूनियन के चुनाव में पीजी के नियमित छात्र निर्वाचक मंडल के सदस्य होंगे। वे छात्र संघ के पदाधिकारियों का चयन करेंगे। कॉलेज स्तर के यूनियन के चुनाव में कॉलेज के तमाम नियमित छात्र वोटर होंगे। छात्र संगठनों का आरोप है कि यह विधयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्ता और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है। छात्र विधेयक के दो बिंदुओं पर विरोध कर रहे हैं। पहला-विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रति कुलपति और अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल से लेकर राज्य सरकार को दिया गया है। दूसरा-लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव नहीं कराया गया है। विधेयक के क्रम संख्या 11 में लिखा है कि चुनाव की प्रक्रिया, शक्तियां व कर्तव्य, निर्वाचन संचालन प्राधिकरण, चुनाव संचालन प्रणाली और उम्मीदवारों एवं निर्वाचन प्रशासकों के लिए आचार संहिता परिनियम के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

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