छात्र संसद इंडिया कॉन्क्लेव की शुरुआत, इसरो के चेयरमैन वी नारायणन, स्मृति ईरानी ने किया युवाओं को संबोधित

भास्कर न्यूज | जालंधर एलपीयू में छात्र संसद इंडिया कॉन्क्लेव (सीएसआई) का 8वां संस्करण विजन इंडिया 2047: भारत @ 100 थीम के साथ युवाओं को देश के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. अशोक कुमार मित्तल, संसद सदस्य (राज्यसभा) और एलपीयू के संस्थापक चांसलर के संबोधन के साथ हुआ। डॉ. मित्तल ने युवाओं को बदलाव की अपनी क्षमता पर विश्वास करने और 2047 के लिए भारत के दृष्टिकोण में साहसपूर्वक योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। वही कार्यक्रम में नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री,विक्रांत मैसी, अनुराग ठाकुर, संसद सदस्य और पूर्व केंद्रीय सूचना और प्रसारण, युवा मामले और खेल मंत्री, इमरान प्रतापगढ़ी, संसद सदस्य राहुल शिवशंकर, सुरेश प्रभु, पूर्व केंद्रीय मंत्री, और लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, एवीएसएम, वीएसएम, कमांडिंग ऑफिसर, वज्र कोर, वीडियो संदेशों के माध्यम से युवाओं से जुड़े, अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। उन्होंने युवा-संचालित नवाचार और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया और युवाओं से देश के भविष्य की जिम्मेदारी लेने और चल रही डिजिटल क्रांति में योगदान देने का आग्रह किया। छात्र संसद भारत सम्मेलन भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष की ओर यात्रा में एक निर्णायक क्षण था, जिसने सभी को याद दिलाया कि राष्ट्र का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है। इस कार्यक्रम ने प्रेरणा की लहर पैदा की, जिसमें युवाओं ने देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं से जुड़ने और उनसे सीखने के अवसर पर बहुत गर्व महसूस किया। विचारोत्तेजक चर्चाओं और प्रेरक भाषणों के माध्यम से, युवा दिमागों को 2047 तक एक समृद्ध और प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में नेतृत्व, नवाचार और समावेशिता के बारे में गंभीरता से सोचने के लिए प्रोत्साहित किया गया। समृद्ध भारत बनाने के लिए युवाओं से आत्म-अनुशासन, मूल्यों और उद्देश्य-संचालित कार्यों को अपनाने का आह्वान किया… प्रेरक वक्ता जया किशोरी ने युवाओं से आत्म-अनुशासन, मूल्यों और उद्देश्य-संचालित कार्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें न केवल एक समृद्ध भारत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया बल्कि एक ऐसा भारत बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जो दयालुता और नैतिक शक्ति के साथ दुनिया का नेतृत्व करे। स्मृति ईरानी, (पूर्व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास, मानव संसाधन विकास और कपड़ा मंत्री) ने विकल्पों, अखंडता और लचीलेपन की शक्ति के बारे में बात की। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए चुनौतियों से ऊपर उठने और भारत के विकास और समृद्धि में सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारत के युवाओं की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला और उनसे न केवल हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने बल्कि अपने खुद के उद्यम बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के युवा पहले से ही अविश्वसनीय रूप से कुशल हैं और अब समय आ गया है कि उस दक्षता को ऐसे व्यवसायों और उद्यमों को बनाने में लगाया जाए, जो भारत के भविष्य के विकास को गति दे सकें। उन्होंने कहा िक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की अहम भागीदारी है। इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने युवाओं को सीमाओं को आगे बढ़ाने और अंतरिक्ष अन्वेषण और वैज्ञानिक नवाचार में नए क्षितिज तलाशने के लिए प्रेरित किया। इसरो के चेयरमैन वी नारायण ने भावी पीढ़ी के आगे स्पेस रिसर्च की भावी योजनाओं के बारे में बताकर विकसित भारत के बारे में बात कि। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम पर काम चल रहा है। गगनयान भारतीय स्पेस एजेंसी का सबसे अहम व महत्वपूर्ण मिशन है। जो भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन होगा। जिसे इसरो की तरफ से डेवलप किया जा रहा है। इसके सफल होने के बाद भारत ऊन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो पहले ही मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. नारायणन ने जोर देकर कहा कि भारत किसी अन्य देश के साथ प्रतिस्पर्धा में नहीं है, बल्कि पूरी तरह से अपने देश की उन्नति पर केंद्रित है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने पहले ही अंतरिक्ष में उल्लेखनीय मील के पत्थर हासिल कर लिए हैं, और यह युवा ही हैं जो इन प्रगति को और भी अधिक बनाने में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे। सामान बिका करते हैं बाजार में इंसान नहीं समाज सुधारक मौलाना कल्बे रुशैद रिजवी ने कहा कि जो कुछ इस तरह था कि मेरा घर तुम्हारे घर से अलग है। उन घरों के रास्ते रास्तों से अलग हैं। मेरा चेहरा तुम्हारे चेहरे से अलग है। मेरी जुबान भी तुम्हारी जुबांन से अलग है। मेरा दिमाग भी हो सकता है तुम्हारे दिमाग से अलग हो। पर मेरा दिल और तुम्हारा दिल अलग नहीं हो सकता। क्योंकि मेरे दिल में भी भारत बसता है और तुम्हारे दिल में भी भारत बसता है..। उन्होंने कहा कि जवान अपनी मां को भी बहुत चाहता है और धरती मां को भी बहुत चाहता है। सभी अपनी वैल्यू को समझें, क्योंकि सामान बिका करते हैं बाजार में इंसान नहीं। अगर जवानों के हवाले देश कर दिया जाए, तो अमेरिका में भी हमारा पैसा बिकना शुरू हो जाएगा। छात्र संसद इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट कुणाल शर्मा ने कहा कि भारत का भविष्य कार्यालयों में बैठे नेताओं से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर नेतृत्व करने वाले युवाओं से तय होगा। उन्होंने उपस्थित प्रत्येक युवा व्यक्ति से कार्रवाई करने, संगठित होने और देश के भविष्य के लिए सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया। नागालैंड भाजपा के अध्यक्ष और उच्च शिक्षा और जनजातीय मामलों के मंत्री टेम्जेन इम्ना अलोंग ने एक समावेशी भारत की बात की, जहां कोई समुदाय, कोई क्षेत्र और कोई व्यक्ति पीछे नहीं छूटेगा। 2047 में भारत के बारे में उनका दृष्टिकोण ऐसा था जहां युवा एकता की भावना के साथ नेतृत्व करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रगति और अवसर देश के हर कोने तक पहुंचे। क्योंकि अभी रंग भेद नहीं बल्कि अपने ही अपनों को मार रहे हैं। 2047 में भारत के बारे में उनका दृष्टिकोण ऐसा था जहां युवा एकता की भावना के साथ नेतृत्व करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रगति और अवसर देश के हर कौने तक पहुंचें।

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