थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने कहा कि नप प्रशासक द्वारा आवेदन मिला है। छानबीन व प्राथमिकी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भास्कर न्यूज|गुमला नगर परिषद गुमला के खाते से चार फर्जी चेक के जरिए तीन लाख 90 हजार 600 रुपए की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। पूरे मामले को लेकर नप के कार्यपालक पदाधिकारी सारजेन मरांडी ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई व राशि रिकवरी की मांग की है। इधर आवेदन मिलने के बाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रकिया व छानबीन में जुट गई है। यह फर्जी निकासी का मामला 12 नवंबर से लेकर 19 नवंबर 2024 के बीच का है। नप को अब 10 माह बाद इसकी भनक लगी है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी राशि की धोखाधड़ी कर निकासी की गई। नगर परिषद ने बैंक से हस्ताक्षर नमूना, खाता विवरण और क्लोन चेक की प्रति प्राप्त कर जांच की। अब दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। लेखापाल अरशद अली ने भी इस मामले में दस्तावेज संलग्न कर शिकायत की है। इधर क्लोन चेक से निकासी के बाद बैंक के प्रबंधक व कर्मी भी संदेह के घेरे में है। चूंकि किसी भी चेक के राशि ट्रांसफर में नप से कोई पुष्टि नही की गई। नप के प्रशासक सारजेन मरांडी ने बताया कि वह वर्ष 2024 से नप गुमला में कार्यरत हैं। परिषद का खाता पंजाब नेशनल बैंक, गुमला शाखा में वर्षों से संचालित है। कुछ दिन पहले जानकारी मिली कि 4 फर्जी चेक के जरिए खाते से पैसे निकले हैं। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक से संपर्क किया। तब बैंक ने कार्रवाई और राशि की वसूली का आश्वासन दिया। लेकिन अब तक न तो पैसे की वसूली हुई, न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, पहली व दूसरी फर्जी निकासी 12 नवंबर 2024 को हुई , तीसरी फर्जी निकासी 13 नवंबर 2024 को व चौथी निकासी 19 नवंबर 2024 को हुई । सभी चेक क्लोन थे। न तो ये चेक नगर परिषद ने जारी किए, न ही इन पर किसी कर्मचारी का हस्ताक्षर था। नप का परिषद का इन लाभुकों से कोई लेन-देन नहीं था।


