छिंदवाड़ा में संविधान दिवस के अवसर पर बड़ा हंगामा देखने को मिला। शनिवार को जय भीम सेना, ओबीसी महासभा और एसटी-एससी-ओबीसी संयुक्त सामाजिक संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कार्यक्रम के बाद संगठन सीधे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पर अड़ गए, जिसके चलते कार्यालय परिसर में करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। रैली कार्यालय पहुंचते ही पदाधिकारी मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि वे राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन किसी अन्य अधिकारी को नहीं, बल्कि सीधे कलेक्टर को ही सौंपेंगे। पहले नायब तहसीलदार पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। कुछ देर बाद एसडीएम भी मौके पर पहुंचे, पर उन्हें भी ज्ञापन नहीं दिया गया। लगातार एक घंटे तक चली खींचतान के बाद एसडीएम ने कलेक्टर से फोन पर चर्चा की और आश्वासन दिया कि संगठनों की कलेक्टर से सोमवार या मंगलवार को मुलाकात करवाई जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद ही एसडीएम सुधीर जैन को ज्ञापन सौंपा गया। संगठनों ने तीन बड़े स्थानीय मुद्दों पर कड़ी नाराजगी जताई 1. मक्का का एमएसपी पर खरीद न होना: किसानों को उचित मूल्य न मिलने से आर्थिक संकट गहराने की बात कही गई। 2. बिछुआ क्षेत्र में दवाई सेवन से बच्ची की मौत: संगठनों ने आरोप लगाया कि कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है। 3. चार माह से लापता दो बेटियों का मामला: उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद भी पुलिस जांच में प्रभावी प्रगति नहीं हुई है, जिससे परिजन चिंतित हैं। “संविधान चौक” की लंबित मांग भी उठाई
संगठनों ने यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष संविधान दिवस पर एक प्रमुख चौक का नाम “संविधान चौक” रखने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर भी असंतोष जताया गया। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। साथ ही कहा कि यदि एमएसपी पर खरीदी न होने से किसी किसान को नुकसान होता है, तो इसका जिम्मा सरकार का होगा।


