छिंदवाड़ा जिले में बच्चों में किडनी फेलियर से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की दोपहर नागपुर में इलाज के दौरान बड़कुई निवासी डेढ़ वर्षीय योगिता ठाकरे की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में पिछले एक महीने के भीतर किडनी फेलियर से जान गंवाने वाले मासूमों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। योगिता ठाकरे पिछले 10 दिनों से नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। उसे पेशाब न होने की समस्या (किडनी फेलियर) के चलते पहले परासिया अस्पताल लाया गया था, जहां से हालत गंभीर होने पर नागपुर रेफर किया गया। शनिवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। योगिता के पिता सुशांत ठाकरे एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परासिया के स्थानीय लोगों ने मिलकर बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहायता जुटाई थी। इलाज जारी था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची की जान नहीं बच सकी। इस दर्दनाक घटना के बाद परासिया क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीमें पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। प्रशासन की तरफ से दो सिरप को बैन कराया गया है छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर से अब तक 10 मासूमों की मौतें (पिछले 30 दिनों में)
1/ शिवम राठौड़ (4 वर्ष) – वार्ड बाग बर्गीया, परासिया 2/ अदनान खान (5 वर्ष) – न्यूटन चिकली, परासिया 3/ उसेद खान (4 वर्ष) – निवासी परासिया 4/ ऋषिका पिपरे (5 वर्ष) – ग्राम सेठिया, परासिया 5/ हितांश सोनी (4 वर्ष) – ग्राम उमरेड, परासिया 6/ श्रेया यादव (2 वर्ष) – नगर परासिया 7/ विकास यदुवंशी (5 वर्ष) – ग्राम दीघावानी, परासिया 8/ विधि (3 वर्ष) – निवासी परासिया 9/ संध्या (1 वर्ष) – खजरी अंतू उमरेड, परासिया 10/ योगिता ठाकरे (1.5 वर्ष) – बड़कुई, परासिया यह खबर भी पढ़ें….
छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर से 9 बच्चों की मौत छिंदवाड़ा जिले में पिछले 30 दिनों में किडनी फेलियर के कारण 9 बच्चों की जान जा चुकी है। बुधवार को परासिया की एक और बच्ची ने नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद से जिलेभर में दहशत का माहौल है।


